बदरीनाथ : बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल पर बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के नगद चढ़ावे की चोरी का आरोप लगा है। बीकेटीसी की आंतरिक जांच टीम ने इस मामले की विस्तृत जांच पूरी कर ली है और पाया कि आरोपी कर्मचारी ने एक बार नहीं बल्कि कई बार चढ़ावे की राशि में हेराफेरी की।
2 जुलाई को बदरीनाथ मंदिर के दान गणना कक्ष में नगद चढ़ावा गिनती के दौरान हुई कथित अनियमितता के मामले में गठित चार सदस्यीय जांच टीम ने 18 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट सीईओ सोहन सिंह रांगड़ को सौंप दी है। रिपोर्ट में घटना की पूरी जानकारी, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के आधार पर साक्ष्य और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस सुझाव दिए गए हैं।
सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने दी पुष्टि
बीकेटीसी सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने जांच रिपोर्ट की पुष्टि करते हुए कहा कि जांच टीम ने स्पष्ट किया है कि आरोपी कर्मचारी 2 जुलाई को कई बार नोट्स ले जाते हुए सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है। इसके अलावा 29 जून की गणना के दौरान भी उसकी संदिग्ध गतिविधियां दर्ज हुई हैं।
रांगड़ ने बताया, “जांच पूरी हो चुकी है। मैं जल्द ही पूरी रिपोर्ट का अध्ययन करूंगा और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।”
सीसीटीवी फुटेज की सीमित उपलब्धता
जांच टीम को घटना वाले दिन से मात्र 14 दिन पुराने फुटेज ही उपलब्ध हो पाए। पुराने सीसीटीवी कैमरों की स्टोरेज क्षमता केवल 15 दिनों की होने के कारण पुराने रिकॉर्डिंग नहीं मिल सके। उपलब्ध फुटेज के कुछ हिस्सों को टीम ने अत्यंत महत्वपूर्ण माना है।
जांच टीम के प्रमुख सुझाव और सुधार
जांच रिपोर्ट में मंदिर प्रबंधन को कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की गई हैं:
ड्रेस कोड: गणना कक्ष में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाले ड्रेªस कोड (डांगी स्टाइल) अनिवार्य किए जाएं।
मोबाइल और पर्स पर प्रतिबंध: गणना के दौरान कर्मचारियों को मोबाइल फोन, पर्स या अन्य सामान साथ ले जाने की अनुमति न दी जाए।
सीसीटीवी निगरानी में वृद्धि: दान गणना कक्ष, परिक्रमा पथ के ब्लाइंड स्पॉट और पूरे मंदिर परिसर में हाई-रेजोल्यूशन वाले अतिरिक्त कैमरे लगाए जाएं।
रियल-टाइम सुपरविजन: दानपात्र उठाने, खोलने, गिनती, नोट गड्डियां बनाने और बैंक कर्मियों को सौंपने की पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी रूम से अनकट (बिना कटे) फुटेज पर निगरानी के लिए समर्पित स्टाफ तैनात किया जाए। कोई गड़बड़ी दिखने पर तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित करने की व्यवस्था हो।
श्रद्धालुओं के लिए नियम: परंपरा के अनुसार श्रद्धालु गणना में शामिल हो सकते हैं, लेकिन उनके पर्स, मोबाइल और बच्चों को गणना कक्ष में ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध। ऐसे व्यक्तियों के लिए अलग रजिस्टर बनाया जाए।







