उत्तराखंड : उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी संगठनात्मक तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी नेतृत्व टिकट वितरण की प्रक्रिया में इस बार मंडल अध्यक्षों और जिलाध्यक्षों के फीडबैक को सबसे अहम मान रहा है। कमजोर संगठनात्मक पकड़ और जनता के बीच कम लोकप्रियता रखने वाले मौजूदा विधायकों के टिकट कटने की संभावना बढ़ गई है।
टिकट वितरण के तीन मुख्य पैमाने तय
पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने विधायकों और संभावित प्रत्याशियों के चयन के लिए तीन स्पष्ट पैमाने तय किए हैं। पहला पैमाना लोकप्रियता और जनाधार है। दूसरा पैमाना कार्यकर्ताओं में व्याप्त नाराजगी या असंतोष की स्थिति है। तीसरा पैमाना स्थानीय परिस्थितियां और क्षेत्र में मौजूद मजबूत दावेदारों की उपस्थिति है। इन तीनों बिंदुओं पर आधारित रिपोर्ट के आधार पर ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
कुमाऊं और गढ़वाल दोनों मंडलों के अध्यक्षों से मिलने वाले फीडबैक को विशेष महत्व दिया जा रहा है। गढ़वाल मंडल की बैठक 9 अगस्त को हो चुकी है, जबकि रविवार को कुमाऊं मंडल के अध्यक्षों की बैठक चोरगलिया में संपन्न हुई। इन बैठकों में पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्रों में जनता का रुझान लगातार भांपते रहें। विधायक पद के दावेदारों की लोकप्रियता, असंतोष की स्थिति और गैर-भाजपा विधायकों वाले क्षेत्रों में मजबूत दावेदारों की पकड़ का आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें।
बूथ स्तर पर मजबूत संगठन बनाने पर जोर
बैठक में मंडल अध्यक्षों को बूथ स्तर तक की तैयारी मजबूत करने, सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचाने, एसआईआर को लेकर जागरूकता बढ़ाने और नए मतदाताओं को जोड़ने के निर्देश दिए गए। युवाओं को संगठन से जोड़ने तथा 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए बूथ कमेटियों को सक्रिय करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि मंडल और जिलाध्यक्षों को क्षेत्र की समस्याओं के निस्तारण की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि सरकार के विकास कार्यों की जानकारी अंतिम गांव तक पहुंच सके।
युवा और मजबूत प्रत्याशियों की मांग
संगठनात्मक बैठक में धारचूला, लोहाघाट, अल्मोड़ा, सल्ट और जागेश्वर जैसे विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्याशियों के चयन पर खुलकर चर्चा हुई। कई नेताओं ने धारचूला और अल्मोड़ा सीटों पर योग्य युवा चेहरों को मौका देने की वकालत की। अन्य क्षेत्रों में भी जनाधार वाले और संगठनात्मक रूप से मजबूत उम्मीदवार को मैदान में उतारने की अपील की गई।
वर्तमान में राज्य की 70 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 47 और कांग्रेस के 20 विधायक हैं। पार्टी के आंतरिक सर्वे में कई मौजूदा विधायकों के टिकट कटने की संभावना जताई जा रही है। नेतृत्व का मानना है कि केवल पद नहीं, बल्कि क्षेत्र में वास्तविक जनाधार और कार्यकर्ताओं का समर्थन ही टिकट का आधार बनेगा।









