अल्मोड़ा : सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक सेवाओं में भी अहम भूमिका निभा रहा है। भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा पर तैनात एसएसबी के जवानों ने मानव तस्करी, नकली मुद्रा और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। सीमांत मुख्यालय गनियाद्योली में रविवार शाम को आयोजित प्रेसवार्ता में आईजी एसएसबी अमित कुमार ने इन उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया।
सीमा सुरक्षा और मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई
एसएसबी भारत-नेपाल और भारत-भूटान अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा के लिए तैनात प्रमुख बल है। साथ ही यह नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी सक्रिय रूप से अभियान चला रहा है। जम्मू-कश्मीर की आंतरिक सुरक्षा, चुनाव ड्यूटी, अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा और आपदा राहत कार्यों में भी एसएसबी के जांबाज नियमित रूप से अपनी भूमिका निभाते रहे हैं।
मानव तस्करी के खिलाफ एसएसबी की कार्रवाई विशेष रूप से उल्लेखनीय रही है। अब तक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 45 मानव तस्करी के मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन अभियानों में 32 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 52 पीड़ितों को उनके चंगुल से मुक्त कराया जा चुका है। ये आंकड़े एसएसबी की सतर्कता और प्रभावी खुफिया तंत्र को दर्शाते हैं।
नकली मुद्रा और मादक पदार्थों की बड़ी जब्ती
आर्थिक सुरक्षा के मोर्चे पर भी एसएसबी ने महत्वपूर्ण सफलताएं दर्ज की हैं। सीमा पर की गई कार्रवाइयों में अब तक 54.74 लाख रुपये की नकली भारतीय मुद्रा और 8.09 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा जब्त की जा चुकी है। इन मामलों में 116 अलग-अलग घटनाओं में कार्रवाई की गई।
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया गया है। 136 तस्करों को गिरफ्तार कर 41.87 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया गया है। ये जब्ती न केवल सीमा पार तस्करी के नेटवर्क को कमजोर करती है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा को भी मजबूत बनाती है।
सामाजिक सेवा और जनकल्याण के कार्य
एसएसबी केवल सुरक्षा बल के रूप में ही नहीं, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक विकास में भी सक्रिय है। सुदूर सीमा क्षेत्रों में मानव और पशु चिकित्सा शिविर लगाए जा रहे हैं। कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। इन प्रयासों से सीमावर्ती आबादी का बल के प्रति विश्वास बढ़ रहा है, जो सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाता है।
उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मान
सीमांत मुख्यालय के अधिकारियों और कार्मिकों की कर्तव्यपरायणता और उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता देते हुए 18 अधिकारियों व कार्मिकों को महानिदेशक गोल्डन डिस्क और सिल्वर डिस्क से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा 11 कार्मिकों को महानिदेशक प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। ये सम्मान एसएसबी के जवानों की लगन और बलिदान को रेखांकित करते हैं।
आईजी अमित कुमार ने प्रेसवार्ता में स्पष्ट किया कि एसएसबी देश की बाहरी और आंतरिक सुरक्षा दोनों मोर्चों पर अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहा है








