हरिद्वार : मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के ब्रह्मपुर जट गांव में एक गंभीर घटना सामने आई है। गांव निवासी रीटा ने पुलिस में तहरीर देकर अपने पति धनेश्वर उर्फ तोता और उसके दोस्त आशीष उर्फ घोल्ला पर अपनी सबसे छोटी बेटी तन्नू (13 वर्ष) का अपहरण कर उसकी हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना की पृष्ठभूमि और संदेह
रीटा के अनुसार, उनकी बेटी तन्नू करीब डेढ़ महीने पहले अपने मामा के घर कल्लरपुर कछौल्ली (जिला मुजफ्फरनगर) गई हुई थी। लौटने के बाद पति धनेश्वर उर्फ तोता बेटी पर शक करने लगे कि वह किसी लड़के से बात करती है। 16 अगस्त को तन्नू ने पिता के इंटरनेट अकाउंट पर अपना फोटो अपलोड कर दिया। उसी दिन शाम को धनेश्वर और आशीष घर आए तथा शराब पीने लगे।
रात में नशा कम होने पर जब धनेश्वर ने अकाउंट पर बेटी की फोटो देखी तो वे आगबबूला हो गए। रीटा का आरोप है कि अगली सुबह करीब चार बजे दोनों ने तन्नू को जबरदस्ती घर से ले जाने की कोशिश की। आवाज सुनकर रीटा और उनकी दूसरी बेटी राधिका जाग गईं। उन्होंने रोकने का प्रयास किया तो दोनों पर मारपीट की गई और तन्नू को बाइक पर बिठाकर ले जाया गया। जाते समय धनेश्वर ने कहा कि बेटी ने बदनाम कर दिया है और उसे जिंदा नहीं छोड़ा जाएगा।
वापसी और धमकी का आरोप
करीब एक घंटे बाद दोनों वापस लौटे। जब बेटी के बारे में पूछा गया तो धनेश्वर ने कथित तौर पर कहा कि बेटी बदनाम करती थी इसलिए उसे मार दिया गया है। उन्होंने तमंचा दिखाते हुए धमकी दी कि अगर इस बारे में किसी को बताया तो जान से मार दिया जाएगा। रीटा का कहना है कि उनका पति आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और उन पर पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। बेटी का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है और वे डरी हुई हैं।
पुलिस की कार्रवाई
मंगलौर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवान महर ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। पुलिस ने रीटा की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और छानबीन शुरू कर दी गई है। घटना की पूरी सत्यता सामने आने के लिए साक्ष्यों और गवाहों के बयान जुटाए जा रहे हैं।







