ऋषिकेश : ऋषिकेश के पुराना रेलवे रोड स्थित होटल गंगा इन में नाबालिग से दुष्कर्म की घटना के बाद मंगलवार को गुस्साई भीड़ ने होटल में पथराव और तोड़फोड़ की। कुछ लोग बुलडोजर लेकर होटल के बाहर पहुंचे और उसे गिराने या सील करने की मांग करने लगे। करीब दो घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर भीड़ को शांत किया। तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में जिला कारागार, देहरादून भेज दिए गए हैं। पुलिस ने होटल के लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी है।
घटना की पृष्ठभूमि और होटल की लापरवाही
शनिवार को होटल गंगा इन में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना घटी थी। पुलिस जांच में होटल प्रबंधन की गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। होटल ने नाबालिग को बिना उचित पहचान पत्र और आवश्यक रजिस्टर प्रविष्टि के कमरा दे दिया। पुलिस ने जब होटल के रजिस्टर खंगाले तो पहले भी अधूरे दस्तावेजों के आधार पर कमरे दिए जाने के सबूत मिले।
पीड़िता को होटल से बाहर ले जाने के दौरान सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए। होटल प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास करता रहा। अगर होटल प्रशासन सतर्क रहता तो आरोपितों को पहले ही रोका जा सकता था। ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक यशपाल बिष्ट ने बताया कि सराय एक्ट के तहत उप जिलाधिकारी को लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेज दी गई है।
भीड़ का गुस्सा और तोड़फोड़
मंगलवार को पीड़िता के स्वजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग होटल के बाहर जमा हो गए। गुस्साई भीड़ ने होटल के फ्रंट शीशों पर पथराव कर तोड़ दिए। अंदर घुसकर भी तोड़फोड़ की गई। होटल संचालन से जुड़ी एक महिला और भीड़ में शामिल महिलाओं के बीच कहासुनी हुई, जो मारपीट में बदल गई। पुलिस ने महिला को गाड़ी में बैठाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया। इसके बाद होटल के शटर बंद कर दिए गए।
भीड़ में शामिल कुछ लोग बुलडोजर लेकर होटल के बाहर पहुंच गए। वे होटल को तुरंत गिराने या सील करने की मांग पर अड़े रहे। करीब दो घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई और लाइसेंस रद्द करने का आश्वासन देकर लोगों को वहां से हटाया।
आरोपियों की गिरफ्तारी और अदालती कार्रवाई
पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर विशेष पॉक्सो न्यायालय में पेश किया। अदालत ने तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार, देहरादून भेज दिया। गिरफ्तारी टीम में प्रभारी निरीक्षक यशपाल बिष्ट, वरिष्ठ उप निरीक्षक नवीन जोशी, उप निरीक्षक विकसित पंवार, राजकुमार, निखलेश बिष्ट, महिला उप निरीक्षक ज्योति शर्मा, हेड कांस्टेबल संदीप राठी, कांस्टेबल तेज सिंह, अभिषेक और हिमांशु शामिल रहे।
पुलिस और प्रशासन की आगे की कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया कि होटल में हर स्तर पर लापरवाही बरती गई। लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है ताकि ऐसे मामलों में होटल प्रबंधन की जवाबदेही तय हो। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और होटलों में सख्त नियमों के पालन की मांग की है।








