उत्तराखंड में भालू का आतंक! बंगथल में दो गौशालाएं तोड़ीं, एक बैल की मौत, ग्रामीणों ने लगाया जाम
उत्तराखंड के चंद्रशिला पट्टी में भालू का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों और पशुपालकों में दहशत का माहौल है। बीती रात बंगथल गांव में भालू ने दो गौशालाओं को निशाना बनाया। इस दौरान एक बैल की मौत हो गई, जबकि एक अन्य बैल और गाय घायल हो गए।
लगातार मवेशियों के नुकसान से नाराज ग्रामीणों ने मृत बैल को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया।
जानकारी के मुताबिक, बीती रात भालू ने बंगथल निवासी भगत लाल की गौशाला तोड़कर एक बैल को मार डाला, जबकि दूसरे बैल को घायल कर दिया। इसके बाद भालू ने सुरेंद्र सिंह नेगी की गौशाला में घुसकर वहां बंधी गाय को भी घायल कर दिया।
हैरानी की बात यह है कि इसी गांव में दो दिन पहले भी भालू ने दिलबर सिंह नेगी की गौशाला तोड़कर उनकी दुधारू गाय को मार डाला था।
चंद्रशिला पट्टी में भालू के हमलों का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। तीन दिन पहले डुंगर गांव में राजेंद्र सिंह नेगी की दुधारू गाय को भालू ने मार डाला था। चार दिन पहले किमोठा में इंदू देवी किमोठी की दुधारू गाय भी भालू का शिकार बनी थी।
वहीं, एक सप्ताह पहले कांडई चंद्रशिला में संजय किमोठी की गौशाला तोड़कर भालू ने उनकी दुधारू गाय को मार डाला था, जबकि कलावती देवी के बैल को घायल कर दिया था।
लगातार हो रहे इन हमलों से ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों बढ़ रहे हैं। अब ग्रामीणों ने वन विभाग से भालू के आतंक से निजात दिलाने और मवेशियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।










