उत्तराखंड: हिंदू धर्म की सबसे पवित्र और प्रतिष्ठित यात्राओं में शामिल चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत हो चुकी है। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलते ही लाखों श्रद्धालुओं की आस्था की यह महायात्रा औपचारिक रूप से शुरू हो गई। अब 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने वाले हैं। यह यात्रा न केवल आध्यात्मिक महत्व रखती है बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। हर साल लाखों यात्री देवभूमि पहुंचते हैं, लेकिन इस बार यात्रा कई मोर्चों पर संकटों से घिरी हुई नजर आ रही है।
एलपीजी गैस की भारी किल्लत: यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती
यात्रा शुरू होते ही एक बड़ी समस्या सामने आई है – एलपीजी गैस की भारी कमी। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे पूरे उत्तराखंड में गैस सिलेंडरों की किल्लत पैदा हो गई है। चारधाम मार्गों पर होटल, ढाबे और चाटुक्कर जहां यात्री रुकते हैं, वहां गैस की अनुपलब्धता से खाना बनाने और अन्य जरूरी कामों में दिक्कतें आ रही हैं। प्रशासन इस समस्या को लेकर लगातार निगरानी रख रहा है, लेकिन यात्रा के शुरुआती दिनों में यह संकट श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर असर डाल रहा है। यात्री और स्थानीय व्यापारी दोनों इस स्थिति से चिंतित हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट: बारिश , बिजली और तेज हवाओं का खतरा
मौसम विभाग ने यात्रियों और प्रशासन के लिए चेतावनी जारी की है। 20 और 21 अप्रैल को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। 4000 मीटर से ऊंचे क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। देहरादून, टिहरी और नैनीताल में भी 20 अप्रैल को हल्की बारिश के आसार हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक 19 और 20 अप्रैल को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और घरों में ही रहें। हालांकि 22 और 23 अप्रैल को पूरे उत्तराखंड में मौसम साफ रहने का अनुमान है, जो यात्रियों को कुछ राहत दे सकता है। इसके बाद 24 और 25 अप्रैल को फिर पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
मैदानी इलाकों में गर्मी का प्रकोप
इससे पहले रविवार को उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में लू जैसी स्थिति रही। देहरादून में अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री और पंतनगर में 39.4 डिग्री Celsius दर्ज किया गया। मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि पिछले 24 घंटों में मैदानी इलाकों का तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी हुई।












