धारचूला हाईवे पर बेखौफ ओवरलोडिंग! सड़क पर बिखरी रोड़ी, थाने और पुलिस चौकी के सामने से गुजरते रहे वाहन, निगरानी पर उठे सवाल
आदि कैलाश मार्ग जैसे सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण धारचूला हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोचिए, सड़क पर ओवरलोड पिकअप से रोड़ी बिखरती रहे, दोपहिया और चौपहिया वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ती रहे, लेकिन जिम्मेदार तंत्र को इसकी भनक तक न लगे! आखिर नियमों का पालन कराने वाली व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है?
दरअसल, मंगलवार देर शाम पंडा से नैनीताल के पातलपोखरा तक करीब आठ किलोमीटर के दायरे में सड़क पर रोड़ी बिखरी मिली। बताया जा रहा है कि एक ओवरलोड पिकअप से रास्ते भर रोड़ी गिरती रही, लेकिन वाहन थाने और पुलिस चौकी के सामने से गुजरने के बावजूद पकड़ में नहीं आया।
हैरानी की बात यह है कि सड़क पर बिखरी रोड़ी के कारण दोपहिया और चौपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा पैदा हो गया। रात के अंधेरे में वाहन चालकों को बेहद सावधानी से गुजरना पड़ा। कई वाहन धीमी गति से चलते नजर आए। ऐसे में यह मामला केवल यातायात नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल भी खड़ा करता है।
अब सवाल यह है कि जब एक वाहन कई किलोमीटर तक सड़क पर रोड़ी बिखेरता रहा, तो उसकी निगरानी क्यों नहीं हो पाई? जिले में यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगातार कार्रवाई की बात कही जाती है, लेकिन इस घटना ने निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि धारचूला हाईवे पर जाजरदेवल थाने के पास भी सड़क पर रोड़ी बिखरी मिली। थाने में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद संबंधित वाहन की पहचान और उसके खिलाफ कार्रवाई का मामला सामने नहीं आया है।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और सड़क पर रोड़ी बिखेरने वाले वाहन की पहचान कर कार्रवाई कब की जाती है। क्योंकि सड़क पर इस तरह लापरवाही बरतना किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है।










