दून अस्पताल के ENT डॉक्टरों का कमाल! 6 साल के बच्चे की सांस नली से निकाला प्लास्टिक का टुकड़ा, कांच से गले में गहरा घाव झेल रही महिला की भी बचाई जान
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहां दून अस्पताल के ईएनटी विभाग के चिकित्सकों ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से दो गंभीर मरीजों की जान बचाई है। एक तरफ छह साल के मासूम की सांस नली में प्लास्टिक का टुकड़ा फंस गया था, तो दूसरी तरफ 35 वर्षीय महिला के गले में कांच लगने से गहरा घाव हो गया था। दोनों ही मामलों में डॉक्टरों ने समय रहते उपचार कर मरीजों को नई जिंदगी दी।
जानकारी के मुताबिक, छह साल का बच्चा खेलते समय दुपट्टे के बॉर्डर पर लगे सजावटी प्लास्टिक के टुकड़े को मुंह में डाल बैठा। प्लास्टिक का यह टुकड़ा उसकी सांस की नली में जाकर फंस गया, जिससे बच्चे को सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी। घबराए परिजन उसे तुरंत दून अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे।
बच्चे की हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने बिना देरी किए उसे ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट किया। रात करीब आठ बजे ब्रोंकोस्कोपी प्रक्रिया के जरिए सांस की नली में फंसे प्लास्टिक के टुकड़े को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया।
वहीं, दूसरे मामले में घरेलू विवाद के दौरान 35 वर्षीय महिला के गले में कांच लगने से गहरा घाव हो गया था। महिला को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया। अत्यधिक रक्तस्राव को देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन कर उसका उपचार किया।
राहत की बात यह है कि दोनों मरीज अब स्वस्थ हैं। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य प्रो. डॉ. गीता जैन ने इस सफल उपचार के लिए चिकित्सकों की सराहना की है।
इन दोनों मरीजों का उपचार करने वाली टीम में ईएनटी विभाग के प्रो. डॉ. रवींद्र सिंह बिष्ट, डॉ. शीबा राणा, डॉ. हिमानी शर्मा सहित अन्य चिकित्सक शामिल रहे।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि आपात स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचना और चिकित्सकों की तत्परता कितनी महत्वपूर्ण होती है। खासकर छोटे बच्चों को खेलते समय सजावटी वस्तुओं और छोटे प्लास्टिक के टुकड़ों से दूर रखना बेहद जरूरी है।










