उत्तराखंड : प्रदेश में जन विश्वास अधिनियम के अंतर्गत मोटर यान अधिनियम में किए गए महत्वपूर्ण संशोधन अब प्रभावी हो चुके हैं। ये बदलाव पूरे देश की तर्ज पर लागू किए गए हैं, जिनमें दंड प्रावधानों को सरल बनाने के साथ आर्थिक जुर्माने बढ़ाए गए हैं। मुख्य उद्देश्य नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना, छोटी गलतियों को अपराध से अलग करना और नागरिकों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाना है। 15 अगस्त 2026 से इन नियमों का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखने लगा है।
ड्राइविंग लाइसेंस में श्रेणी का उल्लेख अनिवार्य
नए प्रावधानों के अनुसार अब ड्राइविंग लाइसेंस में वाहन की हर श्रेणी का स्पष्ट उल्लेख करना जरूरी होगा। गियर वाली मोटरसाइकिल का लाइसेंस रखने वाले व्यक्ति बिना गियर वाले दोपहिया वाहन जैसे स्कूटी या समान वाहन नहीं चला सकेंगे। इसके लिए उन्हें लाइसेंस में अलग से बिना गियर वाले दोपहिया वाहन की श्रेणी का उल्लेख कराना होगा या अलग लाइसेंस बनवाना पड़ेगा। यह नियम सुनिश्चित करता है कि चालक केवल उसी श्रेणी के वाहन चलाए जिसके लिए वह योग्य हो।
लाइसेंस की वैधता समाप्त होने के बाद भी 30 दिनों तक इसे वैध माना जाएगा। इस अवधि के भीतर लाइसेंस रिन्यू कराना अनिवार्य है। पहले वैधता समाप्त होते ही लाइसेंस निष्प्रभावी हो जाता था, अब यह अतिरिक्त समय राहत प्रदान करता है।
वाहन रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया आसान
मोटर यान अधिनियम में एक अहम बदलाव यह है कि अब कोई भी व्यक्ति पूरे प्रदेश में कहीं भी अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन करा सकता है। पहले यह केवल उसी संभाग या उपसंभाग तक सीमित था जहां व्यक्ति निवास करता था। इसी प्रकार ड्राइविंग लाइसेंस भी प्रदेश के किसी भी आरटीओ कार्यालय से बनवाया जा सकता है, भले ही व्यक्ति किसी अन्य जिले में रहता हो। यह सुविधा नागरिकों को अनावश्यक यात्रा और समय की बचत करेगी।
बिना बीमा वाहन चलाने पर सख्त आर्थिक दंड
बीमा संबंधी नियमों में भी सख्ती बढ़ाई गई है। बिना वैध थर्ड-पार्टी बीमा के वाहन चलाने पर जेल की सजा का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है, लेकिन आर्थिक जुर्माना काफी बढ़ा दिया गया है। पहली बार पकड़े जाने पर बीमा के बेस प्रीमियम का तीन गुना अथवा पांच हजार रुपये (जो भी अधिक हो) वसूल किया जाएगा। दूसरी बार या उसके बाद पकड़े जाने पर बेस प्रीमियम का पांच गुना अथवा दस हजार रुपये (जो भी अधिक हो) जुर्माना लगेगा।
यह प्रावधान वाहन मालिकों को बीमा कराने के प्रति अधिक सतर्क बनाता है। लापरवाही अब जेब पर भारी पड़ेगी। साथ ही छोटी-मोटी उल्लंघनों में पहली बार चेतावनी दिए जाने का प्रावधान भी शामिल है, जबकि दोबारा उल्लंघन पर जुर्माना लगेगा।
नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां
इन बदलावों का उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना और प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाना है। वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने लाइसेंस की श्रेणियों की जांच कर लें, समय पर रिन्यूअल कराएं और बीमा हमेशा वैध रखें। आरटीओ कार्यालयों में आवश्यक दस्तावेज अपडेट कराने से भविष्य में किसी भी परेशानी से बचा जा सकता है।









