नीट यूजी पुनर्परीक्षा (Re-NEET 2026) से ठीक एक दिन पहले नागपुर के एक छात्र के साथ हुई गंभीर गड़बड़ी ने पूरे देश में सनसनी फैला दी। छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब को NTA (National Testing Agency) की तरफ से परीक्षा केंद्र के रूप में अबू धाबी (UAE) अलॉट कर दिया गया। इस घटना ने परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब्दुल्ला ने आवेदन के समय अपनी प्राथमिकताओं में नागपुर, वर्धा और भंडारा को चुना था। लेकिन एडमिट कार्ड डाउनलोड करने पर उसका केंद्र भारतीय स्कूल, अबू धाबी दिखाया गया। छात्र के पिता डॉ. मोहम्मद तालिब ने बताया कि बेटा एडमिट कार्ड देखकर सदमे में चला गया और रातभर रोता रहा। उसके पास पासपोर्ट नहीं था और विदेश जाने के लिए आर्थिक संसाधन भी नहीं थे।
राहुल गांधी का तीखा हमला: “NTA देश के बच्चों का धैर्य टेस्ट कर रही है”
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा:

“नागपुर का एक बच्चा एक महीने से नीट री-एग्जाम की तैयारी कर रहा था। कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने एडमिट कार्ड डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला – अबू धाबी। न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है।”
राहुल गांधी ने NTA से पूछा कि ऐसा कैसे हो सकता है और मांग की कि किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो सिस्टम अपने ही शहर में केंद्र नहीं दे सकता, उसे लाखों छात्रों की परीक्षा कराने का कोई अधिकार नहीं है। यह शिक्षा व्यवस्था नहीं, बल्कि छात्रों के समय, पैसे और मानसिक स्वास्थ्य की वसूली है।
NTA का त्वरित एक्शन और छात्र को राहत
सोशल मीडिया पर मुद्दा वायरल होने के बाद NTA ने तुरंत संज्ञान लिया। आधिकारिक बयान में एजेंसी ने कहा कि छात्र की शिकायत का समाधान किया जा रहा है। उचित वेरिफिकेशन के बाद अगले कुछ घंटों में अब्दुल्ला को नागपुर में ही नया परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया जाएगा।
NTA ने सभी Re-NEET उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे अपना एडमिट कार्ड ध्यान से जांच लें। यदि केंद्र, नाम, फोटो या अन्य जानकारी में कोई गड़बड़ी हो तो तुरंत हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
Re-NEET 2026 परीक्षा विवरण
री-नीट 2026 की परीक्षा 21 जून 2026 को दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। इस घटना ने परीक्षा प्रबंधन की पारदर्शिता और दक्षता पर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े पैमाने पर परीक्षाओं में ऐसी गलतियां छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर सकती हैं।
छात्रों और अभिभावकों में इस घटना से आक्रोश है। शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि NTA को अपनी प्रक्रिया को और मजबूत बनाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाहियां न दोहराई जाएं।
अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब अब नागपुर में ही परीक्षा देने जा रहे हैं। इस मामले ने एक बार फिर NTA की कार्यप्रणाली पर बहस छेड़ दी है।









