उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित विकासखंड पोखड़ा के कोलाखाल क्षेत्र में एक बार फिर नरभक्षी बाघ का आतंक बढ़ गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कक्षा एक से कक्षा 12 तक के सभी विद्यालयों में 3 दिन का अवकाश घोषित कर दिया है। यह फैसला क्षेत्र में लगातार बढ़ रही घटनाओं के मद्देनजर लिया गया है, ताकि कोई अनहोनी घटना न हो सके।
कोलाखाल क्षेत्र में नरभक्षी बाघ का बढ़ता खतरा: क्या है पूरा मामला?
पोखड़ा ब्लॉक के कोलाखाल क्षेत्र में नरभक्षी बाघ की सक्रियता ने पूरे इलाके को दहला रखा है। जंगलों से सटे गांवों और स्कूलों के आसपास बाघ की दहशत के कारण स्थानीय लोग भयभीत हैं। खंड शिक्षा अधिकारी पोखड़ा मनोज कुमार जोशी ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्याय पंचायत कोलाखाल के अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियातन अवकाश घोषित किया गया है।
यह फैसला केवल दो-चार स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रभावित क्षेत्र को कवर करता है। कोलाखाल जैसे संवेदनशील क्षेत्र में वन्यजीव और मानव के बीच टकराव बढ़ रहा है। पहाड़ी इलाकों में जंगल की निकटता के कारण ऐसे मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं। प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप कर बच्चों को खतरे से दूर रखने का जिम्मेदाराना कदम उठाया है।
प्रभावित विद्यालय और अवकाश की तिथियां: किन स्कूलों में 3 दिन बंद?
खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार जोशी के अनुसार, न्याय पंचायत कोलाखाल के अंतर्गत संचालित निम्नलिखित विद्यालयों में अवकाश रहेगा:
रा०प्रा०वि० पाटल्यूं
मयलगांव
पटोटी
जनता इंटर कॉलेज कुण्जखाल
इन सभी स्कूलों में कक्षा 1 से कक्षा 12 तक के छात्र-छात्राओं के लिए दिनांक 04 अप्रैल 2026 (शनिवार) और 06 अप्रैल 2026 (सोमवार) को अवकाश घोषित किया गया है। साथ ही सप्ताहांत को मिलाकर कुल 3 दिन की छुट्टी का लाभ छात्रों को मिलेगा। इससे पूरे ब्लॉक में शिक्षा व्यवस्था पर थोड़ा असर पड़ेगा, लेकिन छात्रों की जान को खतरे में डालने से बेहतर यह कदम है।
खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार जोशी का आधिकारिक बयान
मनोज कुमार जोशी ने स्पष्ट रूप से बताया कि यह अवकाश छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिगत लिया गया है। उन्होंने कहा, “कोलाखाल क्षेत्र में नरभक्षी बाघ के बढ़ते आतंक को देखते हुए हमने तुरंत विद्यालयों में अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया। बच्चों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।”
उन्होंने संबंधित विद्यालय प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अभिभावकों को सूचित करें और कोई भी छात्र स्कूल परिसर में न आए।
उपजिलाधिकारी रेखा आर्य का निर्देश: सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर
उपजिलाधिकारी रेखा आर्य ने इस मामले में प्रशासन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में उत्पन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। रेखा आर्य ने संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि उक्त आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा, “छात्रों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। वन विभाग, पुलिस और शिक्षा विभाग के समन्वय से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।” यह फैसला पूरे पौड़ी गढ़वाल जिले के लिए उदाहरण बन सकता है जहां वन्यजीवों के कारण मानव क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं।











