देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। हरिद्वार ज्वालापुर से पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर को देहरादून के बुग्गावाला स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया है। देर शाम घटना की सूचना मिलते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं
घटना की विस्तृत जानकारी
शाम के समय कुछ लोग बोलेरो वाहन से सुरेश राठौर के आवास पहुंचे और उन्हें अपने साथ ले गए। राठौर के चालक शिव कुमार ने बताया कि अचानक पहुंचे लोगों ने पूर्व विधायक को वाहन में बिठाया और तुरंत रवाना हो गए। चालक को यह स्पष्ट नहीं हो सका कि यह पुलिस, एसओजी या किसी अन्य एजेंसी की टीम थी।
घटना की तुरंत सूचना देहरादून पुलिस कंट्रोल रूम (112) को दे दी गई। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने हिरासत की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है और जल्द ही आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक औपचारिक गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
सुरेश राठौर का राजनीतिक बैकग्राउंड
सुरेश राठौर ज्वालापुर (SC) सीट से पूर्व विधायक रह चुके हैं। भाजपा से निष्कासित होने के बाद वे विभिन्न विवादों में रहे हैं। हाल के महीनों में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े आरोपों, सोशल मीडिया पोस्ट्स और ऑडियो-वीडियो क्लिप्स के मामले में उनके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हुई थीं। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में उनके खिलाफ कुछ मामलों में गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी।
राठौर के निष्कासन के पीछे दूसरी शादी और अन्य व्यक्तिगत विवादों को वजह बताया गया था। वे महामंडलेश्वर रविदासाचार्य के रूप में भी सक्रिय रहे हैं और दलित समुदाय में अपनी पहुंच रखते हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और संभावनाएं
इस हाई प्रोफाइल घटना ने उत्तराखंड राजनीति को हिला दिया है। भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं में चर्चा का दौर शुरू हो गया है। कुछ नेता इसे राजनीतिक साजिश बताते नजर आ रहे हैं, जबकि अन्य इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा मान रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं चुनावी साल में बड़े खुलासों या दबाव की रणनीति का संकेत हो सकती हैं। देर रात तक पुलिस की ओर से किसी बड़े अपडेट की उम्मीद जताई जा रही है।
सुरक्षा और कानूनी पहलू
पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई है। संभावना है कि यह पुराने मामलों की जांच या नई शिकायत से जुड़ा हो। सुरेश राठौर के समर्थक उनके तुरंत रिहाई की मांग कर रहे हैं।
अपडेट: मामले पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का अगला बयान महत्वपूर्ण होगा।









