देहरादून : उत्तराखंड की राजनीति में चुनावी सरगर्मी तेज होने के बीच भाजपा को एक बड़ी और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। श्रीनगर गढ़वाल नगर निगम की मेयर आरती भंडारी समेत कुल 10 पार्षदों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इनमें 8 पार्षद पहले निर्दलीय थे जबकि 2 पार्षद कांग्रेस से जुड़े हुए थे। इस कदम से नगर निगम में भाजपा की स्थिति काफी मजबूत हो गई है और स्थानीय स्तर पर पार्टी का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है।
यह घटना उत्तराखंड की निकाय राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। श्रीनगर नगर निगम की स्थापना के बाद 2025 के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीतकर आरती भंडारी गढ़वाल की पहली महिला मेयर बनी थीं। उन्होंने उस समय भाजपा प्रत्याशी को हराया था। अब वही मेयर और उनके साथ कई पार्षद भाजपा के झंडे तले आ गए हैं। राजनीतिक हलकों में इसे भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और स्थानीय नेतृत्व की आकर्षक छवि का परिणाम बताया जा रहा है।
मेयर आरती भंडारी का फैसला: विकास और जनहित को प्राथमिकता
मेयर आरती भंडारी ने भाजपा में शामिल होने के फैसले को विकास और जनहित से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर नगर निगम के विकास कार्यों को तेज करने, शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और जनता की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए मजबूत राजनीतिक मंच की जरूरत है। भाजपा की विचारधारा और प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं से जुड़कर वे श्रीनगर को और आगे ले जाना चाहती हैं।
आरती भंडारी पहले निर्दलीय के रूप में जनता का विश्वास जीतकर मेयर बनी थीं। उनके पति लखपत भंडारी भी स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं। पार्टी में शामिल होने के बाद अब नगर निगम के अंदर भाजपा समर्थित नेतृत्व और अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकेगा।
10 पार्षदों का सामूहिक शामिल होना: क्या है समीकरण?
नगर निगम श्रीनगर में कुल 40 पार्षद हैं। इनमें से 10 पार्षदों का भाजपा में आना स्थानीय शक्ति संतुलन को बदलने वाला साबित हो सकता है। जानकारी के अनुसार, इन 10 में 8 ऐसे पार्षद शामिल हैं जो पहले निर्दलीय के रूप में चुने गए थे। ये पार्षद लंबे समय से नगर निगम के कामकाज में सक्रिय रहे हैं। वहीं 2 पार्षद कांग्रेस के थे, जिन्होंने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया।
यह सामूहिक शामिल होना महज संख्या बढ़ाने वाला कदम नहीं है। इससे नगर निगम के अंदर भाजपा की संख्यात्मक ताकत बढ़ेगी और मेयर के नेतृत्व में लिए जाने वाले निर्णयों को और मजबूती मिलेगी। स्थानीय भाजपा नेताओं का कहना है कि इन पार्षदों का आना पार्टी के लिए स्वागत योग्य है और इससे श्रीनगर क्षेत्र में भाजपा की जड़ें और मजबूत होंगी।
चुनावी सरगर्मी के बीच बड़ा संदेश
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी धीरे-धीरे बढ़ रही है। ऐसे समय में स्थानीय निकायों में भाजपा की बढ़त पार्टी के लिए सकारात्मक संदेश दे रही है। श्रीनगर गढ़वाल क्षेत्र पौड़ी जिले का महत्वपूर्ण हिस्सा है और यहां की राजनीति पूरे गढ़वाल मंडल पर असर डालती है। मेयर और पार्षदों का भाजपा में आना विपक्षी दलों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
कांग्रेस के लिए यह दो पार्षदों का जाना नुकसानदेह है। पार्टी पहले ही निकाय चुनावों में कमजोर प्रदर्शन कर चुकी है। अब स्थानीय स्तर पर और कमजोर पड़ने का खतरा बढ़ गया है। निर्दलीय पार्षदों का भाजपा में जाना यह भी दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर भाजपा की स्वीकार्यता बढ़ रही है।
भाजपा नेतृत्व का स्वागत
भाजपा के स्थानीय और जिला स्तर के नेताओं ने मेयर आरती भंडारी और पार्षदों का स्वागत किया है। नेताओं का कहना है कि यह फैसला श्रीनगर के विकास के लिए अच्छा साबित होगा। प्रदेश सरकार की योजनाओं को नगर निगम स्तर पर बेहतर तरीके से लागू करने में अब और आसानी होगी। सड़क, स्वच्छता, पेयजल, पर्यटन विकास और बाजार व्यवस्था जैसे मुद्दों पर अब ज्यादा प्रभावी काम हो सकेगा।









