बागेश्वर : उत्तराखंड के पहाड़ों अब बेटियों के लिए खतरे का सबब बनते जा रहे हैं। जहां पहले प्राकृतिक सौंदर्य और शांति के लिए मशहूर था, वहां अब रिश्तों की दीवारें टूट रही हैं। अपने ही खून के रिश्तेदार बेटियों के साथ हैवानियत पर उतर आ रहे हैं। हाल ही में बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। यह मामला सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे पहाड़ी समाज में बेटियों की असुरक्षा को लेकर उठ रहे बड़े सवाल का प्रतीक बन गया है।
बागेश्वर के कपकोट में हुआ शर्मनाक मामला: चाचा ने भतीजी के साथ 2 साल तक की हैवानियत
बागेश्वर जिले के कपकोट ब्लॉक के मल्लादेश फरसाली गांव में 47 वर्षीय भूपाल साह ने अपनी ही 16 वर्षीय नाबालिग भतीजी के साथ दो साल तक लगातार दुष्कर्म किया। परिवार के भरोसे को चूर-चूर करने वाली यह घटना तब सामने आई जब नाबालिग लड़की गर्भवती हो गई। आरोप के अनुसार, चाचा ने गर्भ को देखते हुए जबरन गर्भपात भी करवा दिया।
पीड़िता ने 7 अप्रैल को थाने में चाचा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में साफ लिखा गया कि पिछले दो साल से चाचा द्वारा बार-बार शोषण का शिकार बनाया जा रहा था। इलाके में इस खबर के फैलते ही चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। लोग एक-दूसरे से पूछ रहे हैं कि आखिर पहाड़ी परिवारों में रिश्तों का विश्वास कहां चला गया?
घटना का पूरा विवरण: कैसे रिश्ता बन गया जाल
परिवार के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, भूपाल साह मौसी के बेटे थे और घर के बड़े सदस्य के रूप में सबकी नजर में भरोसेमंद थे। लेकिन अंदर से यह शख्स अपनी भतीजी पर नजर रखे हुए था। 16 वर्षीय नाबालिग लड़की स्कूल जाती थी और घर के कामों में भी हाथ बंटाती थी। आरोपी ने इसी भरोसे का फायदा उठाया।
दो साल तक चलने वाले इस शोषण में कई बार लड़की ने विरोध किया, लेकिन डर के मारे चुप रही। जब वह गर्भवती हुई तो चाचा ने बाहर किसी को पता न चले, इसके लिए जबरन गर्भपात करवा दिया। यह सब गांव के ही किसी क्लिनिक या निजी व्यवस्था के जरिए हुआ। पीड़िता के परिवार में अब सदमा और गुस्सा दोनों हैं।
पुलिस ने की तुरंत कार्रवाई: आरोपी गिरफ्तार, सख्त धाराएं लगाईं
पुलिस को शिकायत मिलते ही तुरंत एक्शन लिया गया। भूपाल साह को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1) और 88 के साथ-साथ POCSO एक्ट की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। POCSO एक्ट नाबालिग बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों में सख्त सजा का प्रावधान रखता है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच तेजी से चल रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और मेडिकल जांच के आधार पर और सबूत जुटाए जा रहे हैं। आरोपी को अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।












