देहरादून : उत्तराखंड में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर हुए हमले के बाद शिक्षक-कर्मचारी संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया है। विभिन्न शिक्षक संघों ने घटना की कड़ी निंदा की है और सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है।
रविवार को नानूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय में शिक्षक संगठनों की संयुक्त बैठक हुई, जिसमें 23 और 24 फरवरी को दो दिवसीय कार्य बहिष्कार का फैसला लिया गया। शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी अपने कार्यालयों में हस्ताक्षर कर कार्य बहिष्कार करेंगे। साथ ही, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक कर सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए एसओपी (Standard Operating Procedure) जारी करने की मांग की जाएगी।
कोर कमेटी ने फिलहाल उत्तराखंड परिषदीय बोर्ड परीक्षाओं का बहिष्कार न करने का निर्णय लिया है।
राजकीय शिक्षक संघ (एससीईआरटी शाखा) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अंकित जोशी ने हमले की घोर निंदा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी अधिकारी पर कार्यालय में हिंसक हमला न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का उल्लंघन है, बल्कि शासन-प्रशासन की गरिमा और कानून-व्यवस्था को भी चुनौती देता है।
अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने भी घटना की कड़ी भर्त्सना की और चेतावनी दी कि यदि आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश त्यागी और महामंत्री सुभाष चौहान ने कहा कि अधिकारी के कार्यालय में घुसकर मारपीट अक्षम्य अपराध है।
उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन ने शिक्षक भवन, रेसकोर्स में बैठक कर फैसला लिया कि यदि हमलावर गिरफ्तार नहीं हुए तो सोमवार से शिक्षक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। बैठक की अध्यक्षता गोविंद बोहरा ने की, जबकि संचालन दिगंबर सिंह नेगी ने किया। इसमें देहरादून, अल्मोड़ा, चमोली, उत्तरकाशी आदि जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए।
यह घटना शनिवार को हुई, जब एक स्कूल नामकरण विवाद को लेकर विधायक उमेश शर्मा काऊ के समर्थकों ने निदेशक के कार्यालय में हंगामा किया, जिससे निदेशक घायल हुए और पुलिस में मामला दर्ज हुआ है। शिक्षक संगठन अब आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।









