उधमसिंह नगर : उत्तराखंड के सितारगंज क्षेत्र में एक महिला ने अपने ही सौतेले पिता के खिलाफ बेहद गंभीर रेप और छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया है। पीड़िता ने पुलिस को लिखित तहरीर सौंपकर बताया कि आरोपी ने लंबे समय से ब्लैकमेल करके उसका शारीरिक शोषण किया और अब भी लगातार धमकियां दे रहा है। यह मामला न सिर्फ एक परिवार की टूटती जिंदगी की कहानी है बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और ब्लैकमेल जैसे डिजिटल अपराधों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता की दर्द भरी कहानी: परिवार कैसे बिखर गया
पीड़िता ने पुलिस को दी गई तहरीर में पूरा घटनाक्रम बताया। साल 2017 में उसके असली पिता की मृत्यु हो गई। उस समय महिला और उसके भाई-बहन नाबालिग थे। कुछ समय बाद उनकी मां ने नानकमत्ता क्षेत्र के एक व्यक्ति से दूसरी शादी कर ली। नई जिंदगी की शुरुआत के साथ पूरा परिवार सितारगंज के शक्तिफार्म गांव में रहने लगा।
2018 में बहन की शादी हो गई। लेकिन 2019 में मां का भी निधन हो गया। भाई पढ़ाई के लिए बाहर चला गया। ऐसे में सिर्फ पीड़िता घर पर अकेली रह गई। सौतेले पिता के साथ रहने का यह दौर ही उसके लिए सबसे काला समय साबित हुआ। परिवार की जिम्मेदारी अकेले संभालने वाली महिला अब सौतेले पिता के शोषण का शिकार बन गई। यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि माता-पिता की मौत के बाद नाबालिग बच्चों पर कितना खतरा मंडराता है।
शोषण की शुरुआत: बाथरूम में छिपकर फोटो-वीडियो बनाने का जघन्य कृत्य
पीड़िता की तहरीर के अनुसार एक दिन जब वह बाथरूम में नहा रही थी, सौतेले पिता ने छिपकर उसके निजी फोटो और वीडियो बना लिए। इन फोटो-वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने शारीरिक शोषण शुरू कर दिया। ब्लैकमेल का यह तरीका बेहद खतरनाक था क्योंकि पीड़िता नाबालिग थी और परिवार में कोई दूसरा सहारा नहीं बचा था।

आरोपी ने बार-बार धमकी दी कि अगर महिला ने विरोध किया तो ये वीडियो पूरे गांव और सोशल मीडिया पर फैला दिए जाएंगे। इस डर ने पीड़िता को चुप रहने पर मजबूर कर दिया। ऐसे ब्लैकमेल केस आजकल बढ़ रहे हैं जहां मोबाइल और सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल महिलाओं को मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से तोड़ता है। सितारगंज रेप केस इसी का ताजा उदाहरण है।
शादी के बाद भी नहीं छोड़ा पीछा
2021 में पीड़िता ने पीलीभीत के एक युवक से प्रेम विवाह कर लिया। नई जिंदगी की उम्मीद में वह ससुराल चली गई। शादी के बाद कुछ समय तक शांति रही। लेकिन किस्मत ने फिर करवट ली। 11 जनवरी 2026 को उसके पति की अचानक मौत हो गई। पति की मौत के बाद पीड़िता अपने बच्चे के साथ अकेली रह गई।
इसी दौरान सौतेला पिता ससुराल पहुंच गया। 21 जनवरी 2026 को उसने बच्चे के सामने ही अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। पीड़िता ने तहरीर में लिखा कि आरोपी अब भी पुरानी धमकियां दे रहा है और शोषण जारी रखना चाहता है। पति की मौत के बाद फिर शुरू हुआ यह अत्याचार पीड़िता के लिए दोहरी मार साबित हुआ।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: कोतवाल सुंदरम शर्मा ने दी FIR की पुष्टि
सितारगंज थाने के कोतवाल सुंदरम शर्मा ने पूरी पुष्टि की है कि पीड़िता की तहरीर पर आरोपी सौतेले पिता के खिलाफ तुरंत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
पुलिस अब फोटो-वीडियो, ब्लैकमेल के सबूत और पीड़िता के बयान के आधार पर आगे बढ़ रही है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की तैयारी है। इस मामले में महिला की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है ताकि कोई और धमकी न पहुंचे। सितारगंज पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई महिलाओं को न्याय दिलाने का अच्छा उदाहरण है।

सौतेले रिश्तों में बढ़ते खतरे: समाज को जागरूक होने की जरूरत
यह सितारगंज रेप केस सिर्फ एक घटना नहीं बल्कि समाज में सौतेले रिश्तों के खतरे को उजागर करता है। माता-पिता की मौत के बाद बच्चों को नए रिश्तों में अकेला छोड़ने से पहले परिवार को सतर्क रहना चाहिए। ब्लैकमेल और डिजिटल शोषण के खिलाफ कानून सख्त हैं लेकिन पीड़ितों को तुरंत आवाज उठानी चाहिए।
महिलाओं को सलाह है कि ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस या महिला हेल्पलाइन 1091 पर संपर्क करें। सोशल मीडिया पर निजी फोटो-वीडियो का खतरा हमेशा बना रहता है इसलिए साइबर सेल की मदद लें। उत्तराखंड सरकार भी महिला सुरक्षा के लिए कई योजनाएं चला रही है। इस केस से सबक लेकर हर परिवार को अपनी बेटियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
आगे क्या होगा? आरोपी पर सख्त सजा की उम्मीद
पुलिस जांच पूरी होने के बाद आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (रेप), 354 (छेड़छाड़), 506 (धमकी) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई हो सकती है। अगर फोटो-वीडियो सबूत मिले तो सजा और भी भारी हो सकती है।
पीड़िता को न्याय मिले, यही हर नागरिक की उम्मीद है। सितारगंज का यह मामला पूरे उत्तराखंड में चर्चा का विषय बन गया है। मीडिया और सोशल मीडिया पर इस खबर के फैलने से पुलिस पर दबाव बढ़ा है कि जल्द से जल्द आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाए।












