उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक चौंकाने वाली घटना ने पूरे राज्य को हिला दिया है। राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव में नाइट क्लब से शुरू हुए बिल विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और गोलीबारी में 74 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की मौत हो गई। इस हत्याकांड पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरी नाराजगी जताते हुए बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। उन्होंने क्षेत्र-3 मसूरी उप आबकारी निरीक्षक सोबन सिंह और प्रभारी कुठालगेट चौकी उपनिरीक्षक अशोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सीएम धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में कानून व्यवस्था से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेशभर में व्यापक चेकिंग अभियान चलाने और अवांछित तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
घटना का पूरा विवरण: नाइट क्लब से सड़क तक हिंसा
30 मार्च 2026 की सुबह लगभग 6:30 बजे मुसूरी रोड स्थित जोहड़ी गांव में यह दर्दनाक हादसा हुआ। पुलिस जांच के अनुसार, रात भर ‘जेन जी क्लब’ (Gen-Z Club) में बिल को लेकर विवाद शुरू हुआ। क्लब में मौजूद युवकों और स्टाफ के बीच बिल घटाने को लेकर तीखी बहस हुई, जो मारपीट तक पहुंच गई।
इस विवाद में एक पक्ष की स्कॉर्पियो कार (बिना नंबर प्लेट वाली) और दूसरे पक्ष की दिल्ली रजिस्टर्ड फॉर्च्यूनर कार शामिल थी। विवाद इतना बढ़ा कि सुबह दोनों वाहन एक-दूसरे का पीछा करने लगे। स्कॉर्पियो सवार युवकों ने फॉर्च्यूनर पर फायरिंग कर दी। गोलीबारी के दौरान मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी स्ट्रे बुलेट की चपेट में आ गए। गोली उनके सीने में लगी और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना कैद हो गई है, जिसमें तेज रफ्तार वाली कारों के बीच फायरिंग और हमला साफ दिख रहा है। पुलिस ने बताया कि फॉर्च्यूनर कार पेड़ से टकरा गई, जबकि स्कॉर्पियो सवार युवक मौके से फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई: गिरफ्तारियां और फरार आरोपी
देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने घटना की पुष्टि की। पुलिस ने एक पक्ष के तीन और दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। चार आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, ज्यादातर आरोपी छात्र हैं जो क्लब में देर रात 2:30 बजे तक मौजूद थे।
क्लब की अवैध देर रात तक चलने वाली गतिविधियों पर भी सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों ने घटना स्थल पर एसएसपी के सामने खरी-खोटी सुनाई और इलाके में पुलिस की नाकामी पर सवाल खड़े किए। इलाकावासियों का गुस्सा फूट पड़ा, जिसके बाद प्रशासन को सख्ती बरतनी पड़ी।
सीएम धामी का सख्त रुख: कानून व्यवस्था पर कोई समझौता नहीं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना की जानकारी मिलते ही गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार की प्राथमिकता आम जनता की सुरक्षा है। हम किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था से समझौता नहीं करेंगे।”
सीएम ने पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिए:
प्रदेशभर में तत्काल व्यापक चेकिंग अभियान चलाया जाए।
रोड रेज, फायरिंग और देर रात अवैध गतिविधियों पर पूर्ण अंकुश लगाया जाए।
हुड़दंग करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
सभी थानों और चौकियों में मुस्तैदी बढ़ाई जाए।
धामी सरकार का यह एक्शन देवभूमि उत्तराखंड को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि कोई भी अपराधी बख्शा नहीं जाएगा।
रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी का परिचय
रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी भारतीय सेना की इंटेलिजेंस कोर में 32 वर्षों तक सेवा दे चुके थे। 2010 में रिटायरमेंट के बाद वे देहरादून में शांतिपूर्ण जीवन बिता रहे थे। रोजाना सुबह मॉर्निंग वॉक करना उनकी आदत थी। परिवार और दोस्तों के अनुसार वे एक अनुशासित और देशभक्त व्यक्ति थे। उनकी मौत ने न केवल परिवार को सदमा पहुंचाया है बल्कि पूरे सैन्य समुदाय और स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।
परिवार ने शिकायत दर्ज कराई है जिसमें स्पष्ट रूप से फायरिंग करने वालों पर हत्या का आरोप लगाया गया है।
नाइट क्लब संस्कृति और युवाओं पर असर: उठते सवाल
यह घटना देहरादून जैसे पर्यटन स्थल में बढ़ती नाइट क्लब और बार संस्कृति पर भी सवाल खड़ा करती है। देर रात तक खुलने वाले क्लबों में छात्रों का जमावड़ा, शराब और डीजे म्यूजिक से जुड़ी गतिविधियां अक्सर विवादों का कारण बन रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे स्थानों पर सख्त रेगुलेशन और टाइमिंग का पालन जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मुसूरी रोड क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाई जाए और अवैध क्लबों पर कार्रवाई हो।













