उत्तरकाशी : उत्तरकाशी जिले के बड़कोट क्षेत्र में यमुनोत्री धाम की पवित्र यात्रा के दौरान दो श्रद्धालुओं की मौत की दुखद घटना सामने आई है। यह दोनों मौतें जानकीचट्टी क्षेत्र में हुईं, जहां यात्री यमुनोत्री धाम के लिए पैदल चढ़ाई शुरू करते हैं। इन घटनाओं ने चारधाम यात्रा पर पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं में चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकीचट्टी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर हरदेव सिंह पंवार के अनुसार, देर रात इंदौर (मध्य प्रदेश) की 40 वर्षीय प्रतिभा मिश्रा को अचेत अवस्था में अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस को सूचना दी गई और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इससे पहले रविवार को करीब पौने चार बजे एक और दुखद घटना हुई। एक नेपाली मजदूर ने एक व्यक्ति को मृत अवस्था में जानकीचट्टी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और शव को उनके सुपुर्द कर दिया।
मृतकों की पहचान
पुलिस जांच के अनुसार, पहली मृतका प्रतिभा मिश्रा 40 वर्षीय थीं और वे मध्य प्रदेश के इंदौर शहर की निवासी थीं। दूसरी घटना में मृतक की पहचान उदय गजानन तांबे (65 वर्ष) के रूप में हुई है। वे महाराष्ट्र के नासिक जिले के रहने वाले थे। दोनों यात्री यमुनोत्री धाम के दर्शन करने आए थे।
यमुनोत्री धाम यात्रा की चुनौतियां
यमुनोत्री धाम गंगा की बहन यमुना नदी का उद्गम स्थल है और चारधाम यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यह 3,293 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यात्रा बड़कोट से शुरू होकर जानकीचट्टी तक वाहन से और फिर 6-7 किलोमीटर पैदल चढ़ाई के बाद धाम पहुंचती है।
उच्च ऊंचाई, कम ऑक्सीजन, ठंडी हवा और थकान के कारण कई श्रद्धालु स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का शिकार हो जाते हैं। विशेषकर बुजुर्गों और पहले से हृदय, ब्लड प्रेशर या सांस की बीमारी वाले यात्रियों को खतरा ज्यादा होता है। इस बार भी यमुनोत्री यात्रा शुरू होते ही दो मौतें हो गई हैं, जो यात्रियों के लिए चेतावनी का विषय है।
स्वास्थ्य केंद्रों और प्रशासन की भूमिका
जानकीचट्टी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 24 घंटे तैयार रहते हैं। डॉक्टरों की टीम हर समय उपलब्ध रहती है। फिर भी यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे डॉक्टर की सलाह के बिना यात्रा न करें, पर्याप्त पानी पिएं, हल्का भोजन लें और ऊंचाई बढ़ने पर धीरे-धीरे चढ़ें।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
दोनों मामलों में पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। मृतकों के परिजनों को सूचना दी जा रही है। स्थानीय पुलिस थाना बड़कोट और जानकीचट्टी पुलिस चौकी दोनों घटनाओं की जांच में जुटी हुई है। फिलहाल प्रारंभिक रिपोर्ट में हृदय संबंधी समस्या या यात्रा थकान को मुख्य कारण माना जा रहा है।












