देहरादून जिले के सहसपुर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बैरागीवाला गांव में शनिवार शाम पानी के छोटे से विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। भाजपा ओबीसी मोर्चा जिला सोशल मीडिया सह-संयोजक विनोद कश्यप की हत्या कर दी गई, जबकि उनके परिजनों को गंभीर चोटें पहुंचाई गईं। घटना के बाद गांव में सांप्रदायिक तनाव फैल गया, जिसके चलते प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चला दिया।
विवाद की जड़ और हमला
पुलिस के अनुसार, पूर्व से ही पड़ोसी इम्तियाज पुत्र शमशू के खेत में पानी को लेकर विनोद कश्यप के परिवार के साथ विवाद चल रहा था। शनिवार शाम लगभग 6 से 6:30 बजे के बीच रज्जाक, इम्तियाज, अमन, युनुस, शहबाज, शराफल अली, आदिल, शमून, सलमान, जावेद, इंतजार समेत 12 नामजद आरोपियों सहित 30-35 लोगों का एक समूह हथियारों (लाठी, डंडे, हथौड़े और बेलचे) के साथ भगवत प्रसाद के घर पर पहुंचा।
आरोपियों ने एकजुट होकर परिवार पर जानलेवा हमला बोल दिया। हथौड़े के वार से विनोद कश्यप की मौके पर ही मौत हो गई। उनके भाई अशोक कुमार और राजेश तथा भाभी सुषमा को गंभीर चोटें आईं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है।
एफआईआर और पुलिस कार्रवाई
मृतक के भाई अशोक कुमार ने बैरागीवाला थाने में तहरीर दी, जिसमें 12 लोगों को नामजद किया गया है। सहसपुर पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या, साजिश और जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच जारी है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
गांव में तनाव और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया। स्थानीय हिंदू संगठनों ने आरोपियों के घरों पर पथराव और तोड़फोड़ की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी) तैनात की गई। रात भर गांव में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।
रविवार को पुलिस और प्रशासन की टीम बुलडोजर के साथ आरोपियों के घरों पर पहुंची। अवैध निर्माणों को चिन्हित कर बुलडोजर कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह के सांप्रदायिक उन्माद को फैलने से रोकने के लिए सख्त चेतावनी जारी की है।
सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव
विनोद कुमार भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता थे। उनकी हत्या से पार्टी कार्यकर्ताओं में रोष है। स्थानीय भाजपा नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय की मांग की है। घटना ने पूरे क्षेत्र में सांप्रदायिक सद्भाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिला प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
अपडेट: फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है।








