देहरादून : उत्तराखंड की खेल राजधानी देहरादून स्थित प्रसिद्ध महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में रैगिंग के गंभीर आरोप सामने आए हैं। अनुशासन और खेल संस्कृति के लिए जाने जाने वाले इस संस्थान में नौवीं कक्षा के दो छात्रों के साथ सीनियर छात्रों द्वारा कथित तौर पर मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और जबरन काम कराए जाने की शिकायतें लगी हैं। इन घटनाओं के कारण दोनों छात्रों की पढ़ाई और खेल करियर बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
ऋषिकेश निवासी एक छात्र के पिता ने कॉलेज प्रशासन से ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) की मांग कर दी है। उनका कहना है कि हॉस्टल का माहौल इतना विषैला हो गया है कि बच्चे की पढ़ाई और खेल विकास दोनों खतरे में पड़ गए हैं। वहीं, बागेश्वर जिले के दूसरे छात्र को उसके परिजनों ने घर ले लिया है। स्वजनों के अनुसार, जब वे बच्चे से मिलने पहुंचे तो वह फूट-फूटकर रो पड़ा।
छात्र परिवारों के आरोप
परिवारों का आरोप है कि सीनियर छात्र जूनियरों को नियमित रूप से परेशान करते हैं। मारपीट, बेवजह काम कराना और खाने के समय भी उत्पीड़न आम बात हो गई है। हॉस्टल में रहने वाले बच्चे डर के माहौल में खुलकर शिकायत भी नहीं कर पाते। एक अभिभावक ने कहा, “यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है।”
परिजनों का दावा है कि लगातार उत्पीड़न के कारण एक छात्र कॉलेज छोड़ने के फैसले तक पहुंच गया, जबकि दूसरे को घर ले जाना पड़ा। उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर पर्याप्त निगरानी न रखने और हॉस्टल व्यवस्था को मजबूत न करने का आरोप लगाया है।
कॉलेज प्रशासन का बयान
कॉलेज प्रधानाचार्य राजेश ममगाईं ने रैगिंग के आरोपों से साफ इनकार किया है। उन्होंने बताया कि यह मामला केवल खेल के दौरान हुए बच्चों के बीच के सामान्य विवाद का है, न कि रैगिंग का। प्रशासन के अनुसार, एक छात्र के परिजनों ने स्वयं ट्रांसफर की जानकारी दी है, जबकि दूसरे बच्चे को परिवार अपनी इच्छा से कुछ दिनों के लिए घर ले गया है।
प्रधानाचार्य ने कहा कि संस्थान हमेशा छात्रों की सुरक्षा और अनुशासन को प्राथमिकता देता है।









