देहरादून : चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देते हुए श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज (SGRRMC), देहरादून में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) प्रेसिडेंशियल एक्शन प्लान के अंतर्गत CAR मॉड्यूल पर एक विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह पहल उत्तराखंड में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली पहल है, जो महिला चिकित्सकों को सुरक्षा, आत्मविश्वास और समग्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में मजबूत बनाने का प्रयास है।
CAR मॉड्यूल: उद्देश्य और महत्व
CAR का पूरा नाम Kick Start Self Defense, Active Lifestyle and Resilient Mindset है। यह मॉड्यूल विशेष रूप से महिला चिकित्सकों की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। आज के युग में चिकित्सा पेशे में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है, लेकिन कार्यस्थल पर सुरक्षा, मानसिक तनाव और शारीरिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे भी सामने आते हैं। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एमबीबीएस छात्राओं को आत्मरक्षा की तकनीकें, सक्रिय जीवनशैली और मजबूत मानसिकता विकसित करने में सक्षम बनाना था।

कार्यशाला श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स, देहरादून शाखा के सहयोग से हुई इस कार्यशाला में राज्य समन्वयक डॉ. अल्पा गुप्ता (प्रोफेसर, हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) की प्रमुख भूमिका रही।
प्रमुख वक्ताओं द्वारा विशेष सत्र
कार मॉड्यूल की राष्ट्रीय संकाय सदस्यों डॉ. मधु रतूड़ी, डॉ. संगीता लोढ़ा, डॉ. गीता खन्ना और डॉ. अल्पा गुप्ता ने तीन प्रमुख विषयों पर विस्तृत सत्र संचालित किए:
सुरक्षा एवं आत्मरक्षा: व्यावहारिक आत्मरक्षा तकनीकें, खतरे की पहचान और त्वरित प्रतिक्रिया।
सक्रिय जीवनशैली: शारीरिक फिटनेस, नियमित व्यायाम और स्वस्थ आदतों का महत्व।

मानसिक स्वास्थ्य एवं रेजिलिएंट माइंडसेट: तनाव प्रबंधन, भावनात्मक मजबूती और कार्य-जीवन संतुलन।
इन सत्रों ने प्रतिभागियों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान दिया बल्कि व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से आत्मविश्वास भी बढ़ाया।
कार्यशाला में भागीदारी और प्रतिक्रिया
इस कार्यक्रम में 45 एमबीबीएस छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। ये छात्राएं भविष्य की चिकित्सक बनने जा रही हैं और यह मॉड्यूल उनके लिए एक मजबूत नींव साबित होगा। मुख्य अतिथि डॉ. अजय आर्य (निदेशक, चिकित्सा शिक्षा) ने कहा कि “वर्तमान समय में चिकित्सा क्षेत्र में महिलाओं के लिए ऐसे प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक हैं। यह न केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा बल्कि पेशेवर विकास में भी सहायक सिद्ध होगा।”
प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा ने अपने संबोधन में जोर दिया कि औपचारिक चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ ऐसे कौशल-आधारित प्रशिक्षण महिला चिकित्सकों में कार्यस्थल सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना को मजबूत करेंगे।
डॉ. विशाल कौशिक (विभागाध्यक्ष, बाल रोग विभाग, SGRRIMHS) ने सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव श्रीवास्तव, डॉ. जी.डी.एस. बजाज, डॉ. नीरुल पंडिता, डॉ. बिंदु अग्रवाल, डॉ. हरप्रीत कौर, डॉ. आशीष सेठी और अन्य कई गणमान्य चिकित्सक उपस्थित रहे।









