देहरादून : देहरादून के सेलाकुई थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। निजी यूनिवर्सिटी में बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज (BNYS) के फाइनल ईयर के 26 वर्षीय छात्र रवींद्र कुमार को कथित तौर पर प्रेम जाल में फंसाकर ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना के जरिए आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया। मृतक छात्र की मां पूजा देवी ने पुलिस को दी तहरीर में लखनऊ की रोमा कुमारी उर्फ अनुष्का और उसके एक सहयोगी पर सुनियोजित ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी युवती और उसके साथी के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 420 (धोखाधड़ी), 506 (धमकी), 34 (साझा मंशा) और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
घटना की पृष्ठभूमि
रवींद्र कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के ऐलासपुर अगैय्या गांव के रहने वाले थे। वे देहरादून की एक निजी यूनिवर्सिटी में BNYS कोर्स के अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे। मां पूजा देवी (पति आशुतोष कुमार) ने अपनी तहरीर में बताया कि उनके बेटे को रोमा कुमारी ने प्रेम के जाल में फंसाया। शादी का झूठा आश्वासन देकर नजदीकियां बढ़ाई गईं।
आरोप के अनुसार, आरोपी युवती ने रवींद्र के साथ अश्लील चैट और वीडियो रिकॉर्डिंग की। इन सामग्रियों के स्क्रीनशॉट और क्लिप्स को बाद में ब्लैकमेलिंग के लिए इस्तेमाल किया गया। रोमा कुमारी उर्फ अनुष्का लगातार मोटी रकम की मांग करती रही और धमकियां देती रही। भारी मानसिक तनाव और निरंतर उत्पीड़न के कारण छात्र ने आत्महत्या का कदम उठा लिया।
ब्लैकमेलिंग का पूरा तरीका
मृतक की मां ने विस्तार से बताया कि आरोपी ने पहले भावनात्मक संबंध बनाया, फिर अश्लील सामग्री तैयार की और उसे आधार बनाकर पैसे ऐंठे। यह सुनियोजित साजिश थी, जिसमें धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र शामिल था। लगातार धमकियों से रवींद्र इतना परेशान हो गया कि उसने जीवन समाप्त करने का फैसला कर लिया।
यह मामला साइबर ब्लैकमेलिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न की बढ़ती समस्या को उजागर करता है। युवाओं खासकर छात्रों को प्रेम जाल में फंसाकर अश्लील वीडियो/ऑडियो के जरिए धन उगाही के ऐसे मामले देशभर में लगातार बढ़ रहे हैं।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
सेलाकुई थाना पुलिस ने तहरीर पर तुरंत संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी है। आरोपी रोमा कुमारी उर्फ अनुष्का लखनऊ की रहने वाली है। पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में जुट गई है। डिजिटल सबूतों की जांच के लिए मोबाइल, चैट हिस्ट्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। साइबर सेल की मदद से तकनीकी जांच की जाएगी ताकि पूरी साजिश का खुलासा हो सके।










