चमोली : श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल पर चढ़ावे की राशि से जुड़े कथित चोरी के मामले में गंभीर कार्रवाई हुई है। विभागीय निलंबन के बाद अब बदरीनाथ पुलिस थाने में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 और 316(5) के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। यह घटना उत्तराखंड के पवित्र बदरीनाथ धाम में मंदिर प्रबंधन की पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों को और गहरा करती है।
घटना का विवरण और प्रारंभिक जांच
2 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया पर बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की राशि से संबंधित वित्तीय अनियमितता की सूचना सामने आने के बाद बीकेटीसी ने तुरंत संज्ञान लिया। समिति ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया।
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पाया गया कि प्रमोद नौटियाल द्वारा 2 जुलाई को सुबह लगभग 9:00 से 9:30 बजे के बीच मंदिर की धनराशि को कथित रूप से अनधिकृत तरीके से उठाया गया। मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की लिखित तहरीर के आधार पर 8 जुलाई 2026 को बदरीनाथ थाने में FIR संख्या 0006 दर्ज की गई।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मंदिर में चढ़ाई जाने वाली भक्तों की निधि को गलत तरीके से प्रभावित किया, जिससे धार्मिक संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बीकेटीसी की कार्रवाई: निलंबन से FIR तक
बीकेटीसी प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 7 जुलाई 2026 को प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। समिति का मानना था कि आरोपी को पद पर बनाए रखने से जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी।
अब पुलिस में तहरीर दिए जाने के बाद मामला विभागीय स्तर से आपराधिक जांच के दायरे में आ गया है। बदरीनाथ पुलिस ने FIR दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस की जांच में सभी सबूतों, सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।








