बदरीनाथ धाम : उत्तराखंड के पवित्र बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित चढ़ावे की कथित अनियमितता के मामले में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने त्वरित और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की है। समिति ने वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

निलंबन के दौरान उन्हें ज्योतिर्मठ कार्यालय से संबद्ध किया गया है। यह कार्रवाई समिति की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप की गई है, मंगलवार देर शाम जांच समिति ने प्रमोद नौटियाल द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण का परीक्षण किया, लेकिन उसे संतोषजनक नहीं माना। इसके बाद विभागीय जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई। मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने इसकी पुष्टि की।
घटना का विवरण और प्रारंभिक जांच
मंदिर समिति को बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि से संबंधित अनियमितता की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत मिलते ही बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निर्देश पर संबंधित कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा गया। चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया, जिसने प्रारंभिक जांच में अनियमितता के संकेत पाए।
मंगलवार देर शाम जांच समिति ने प्रमोद नौटियाल द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण का परीक्षण किया, लेकिन उसे संतोषजनक नहीं माना। इसके बाद विभागीय जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई। मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने इसकी पुष्टि की।
बीकेटीसी की जीरो टॉलरेंस नीति
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा, “श्रद्धालुओं की आस्था और भगवान बद्रीनाथ को अर्पित चढ़ावे की पवित्रता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समिति बार-बार दोहराती रही है कि चढ़ावे की प्रत्येक राशि की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है। इस मामले में भी उसी सिद्धांत के तहत त्वरित कार्रवाई की गई।








