देहरादून : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पिछले दो दिनों के अंदर तीन अलग-अलग आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। इनमें एक 16 वर्षीय किशोर और दो युवा शामिल हैं। तीनों घटनाओं में पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। स्थानीय पुलिस तीनों मामलों के कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। देहरादून से वरिष्ठ संवाददाता की रिपोर्ट।
ये घटनाएं शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी मामले में कोई संदिग्ध परिस्थिति या बाहरी दबाव के संकेत नहीं मिले हैं। फिर भी जांच पूरी तरह से जारी है।
नथुवावाला में 16 वर्षीय किशोर की आत्महत्या
थाना रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत नथुवावाला में सोमवार शाम करीब 6:15 बजे एक 16 वर्षीय किशोर ने आत्महत्या कर ली। एसओ रायपुर संजीत कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फील्ड यूनिट की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद किशोर को तत्काल रायपुर स्थित अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने वहां पहुंचते ही उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी अचानक मृत्यु से पूरे परिवार पर गहरा सदमा पहुंचा है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। आत्महत्या का स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आ सका है। सूत्रों के अनुसार किशोर की पढ़ाई में कमजोरी का जिक्र किया जा रहा है, लेकिन पुलिस इस दिशा में भी परिवार और परिचितों से पूछताछ कर रही है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
डालनवाला में शीतल शुक्ला की मौत
दूसरी घटना थाना डालनवाला क्षेत्र के एकता विहार, हाथीबड़कला में हुई। इंस्पेक्टर डालनवाला नरेंद्र सिंह गहलावत ने जानकारी दी कि तीन अगस्त को 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरा अंदर से बंद था। पुलिस कर्मियों ने रोशनदान का शीशा तोड़कर भीतर प्रवेश किया और स्थानीय लोगों की मदद से युवक को नीचे उतारा। उसे तुरंत कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कमरे की तलाशी में मिले पहचान पत्र के आधार पर मृतक की शिनाख्त शीतल शुक्ला (23) के रूप में हुई। वे राकेश शुक्ला के पुत्र और कर्री, जिला इटावा (उत्तर प्रदेश) के निवासी थे। शीतल शहर के एक मॉल स्थित रेस्टोरेंट में काम करते थे और अपने दो साथियों के साथ किराये के कमरे में रहते थे। एक साल पहले ही उनकी शादी हुई थी। सोमवार को उनकी छुट्टी थी, जबकि उनके साथी काम पर गए हुए थे। रात को जब साथी लौटे तब घटना का खुलासा हुआ।
पुलिस ने घटना की वीडियोग्राफी कराई और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कमरे से कोई अन्य संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला। पुलिस मृतक के व्यक्तिगत जीवन, कार्यस्थल और पारिवारिक परिस्थितियों की जांच कर रही है।
वैदिकपुरम में अजय नेगी का मामला
तीसरी घटना थाना रायपुर क्षेत्र के वैदिकपुरम, आमवाला में मंगलवार सुबह सामने आई। एसओ संजीत कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित टीम मौके पर पहुंची। पता चला कि अजय नेगी (27), पुत्र जयपाल नेगी ने अपने कमरे में आत्महत्या कर ली है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिजनों ने शव को नीचे उतार लिया था। शव को 108 एंबुलेंस के माध्यम से कोरोनेशन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया।
पुलिस के अनुसार मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। परिवार और परिचितों से पूछताछ जारी है।
पुलिस की जांच जारी, कारणों का पता लगाने पर जोर
तीनों मामलों में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। जांच में परिवार के सदस्यों, मित्रों, पड़ोसियों और कार्यस्थल से जुड़े लोगों से जानकारी ली जा रही है। पढ़ाई, व्यक्तिगत समस्याएं, आर्थिक दबाव या अन्य संभावित कारणों पर गौर किया जा रहा







