देहरादून : नई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। दुखद हादसे में छह लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। इस घटना ने पूरे देश में पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
देहरादून में 21 गिरासू भवन चिह्नित
दिल्ली के इस दर्दनाक हादसे के बाद देहरादून में भी प्रशासन सतर्क हो गया है। शहर के नगर निगम ने कुल 21 भवनों को खतरनाक (गिरासू) चिह्नित किया है। इनमें से कई इमारतें अभी भी आबाद हैं। लगातार बारिश के कारण इन भवनों के किसी भी समय ढहने का खतरा बना हुआ है।
नगर निगम के कार्यकारी अभियंता रजित कोटियाल ने बताया कि सभी चिह्नित भवनों के मालिकों और किरायेदारों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। निगम के अनुसार, सात भवन पूरी तरह खाली हो चुके हैं। आठ भवनों में मालिक या किरायेदार अभी भी रह रहे हैं। छह भवनों से जुड़े मामले अदालत में विचाराधीन हैं। अधिकारियों ने इन जगहों पर रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
किन इलाकों में है सबसे ज्यादा खतरा
देहरादून के कई पुराने इलाकों में ये खतरनाक भवन मौजूद हैं। इनमें आढ़त बाजार, खदरी मोहल्ला, तिलक रोड, कैनाल रोड, मोती बाजार, गांधी रोड, खुड़बुड़ा, इंद्रेशनगर, कांवली रोड, पार्क रोड, कौलागढ़ रोड, बल्लीवाला चौक, एलआईसी बिल्डिंग चकराता रोड, मोहब्बेवाला इंडस्ट्रियल एरिया और सैय्यद मोहल्ला शामिल हैं।
खतरा सिर्फ इन जर्जर इमारतों तक सीमित नहीं है। काठबंगला बस्ती, सपेरा बस्ती, चूना भट्ठा के आसपास और दून विहार जैसे इलाकों में नदी-नाले के किनारे बने कच्चे-पक्के मकानों में भी लोग रह रहे हैं। मानसून के दौरान इन जगहों पर बाढ़ और भूस्खलन का अतिरिक्त जोखिम रहता है।
प्रशासन की चेतावनी और कार्रवाई
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और नगर आयुक्त आलोक पांडेय के निर्देश पर जिला प्रशासन और नगर निगम लोगों को लगातार सतर्क रहने की हिदायत दे रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस के बावजूद कई लोग जोखिम उठाकर इन भवनों में रह रहे हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी संबंधित मालिक और किरायेदारों की होगी।









