हल्द्वानी : उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में किए गए ट्रैफिक सर्वे में सामने आया है कि गौलापार से चोरगलिया (सितारगंज सीमा) तक के हाईवे पर रोजाना औसतन नौ हजार वाहन गुजर रहे हैं। इस भारी आवाजाही को देखते हुए विभाग ने मौजूदा सात मीटर चौड़ी सड़क को 15 मीटर से अधिक चौड़ा करने की कवायद शुरू कर दी है।
क्षेत्रीय महत्व और उपयोगकर्ता आबादी
यह सड़क केवल स्थानीय यातायात तक सीमित नहीं है। बड़ी ग्रामीण आबादी के साथ-साथ ऊधम सिंह नगर, पीलीभीत से लेकर लखीमपुर खीरी तक के निवासी हल्द्वानी आने-जाने के लिए नियमित रूप से इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। हल्द्वानी कुमाऊं का प्रमुख व्यापारिक और प्रशासनिक केंद्र होने के कारण इस सड़क पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है। नतीजतन, वर्तमान क्षमता अपर्याप्त साबित हो रही है और यातायात जाम की समस्या आम होती जा रही है।
लोनिवि द्वारा शुरू की गई चौड़ीकरण परियोजना का उद्देश्य सड़क की क्षमता बढ़ाकर सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करना है। मौजूदा सात मीटर चौड़ी सड़क को 15 मीटर से अधिक चौड़ा करने से दोतरफा यातायात सुचारू होगा और दुर्घटनाओं के जोखिम में कमी आने की उम्मीद है।
पर्यावरणीय प्रक्रिया और आवश्यक स्वीकृतियां
परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए करीब सात हजार पेड़ों के कटान के साथ वनभूमि स्थानांतरण की प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य है। इस कारण केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से स्वीकृति लेना जरूरी हो गया है। वन भूमि हस्तांतरण और पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही भौतिक कार्य शुरू हो सकेंगे।
सितारगंज से आगे खटीमा तक के हिस्से को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) संभालेगा। इस प्रकार पूरा मार्ग चरणबद्ध तरीके से विकसित होने की संभावना है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा।
काठगोदाम-भीमताल मार्ग पर भी ध्यान
ट्रैफिक सर्वे में काठगोदाम से भीमताल जाने वाली सड़क को भी शामिल किया गया था। यहां रोजाना लगभग 22 हजार वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई है। वर्तमान में यह सड़क मात्र 5.50 मीटर चौड़ी है। भविष्य में इसे सात मीटर चौड़ा करने की योजना है। पर्यटन की दृष्टि से यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि भीमताल और आसपास के पर्यटन स्थल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। सड़क की चौड़ाई बढ़ाने से पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।








