उत्तराखंड : भाजपा ने उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर साफ रणनीति तय कर ली है। दिल्ली में हुई कोर कमेटी की बैठक में पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश इकाई को स्पष्ट संदेश दिया है कि मौजूदा विधायकों को ही जीत का मुख्य दांव बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत पूरे प्रदेश नेतृत्व को निर्देश दिया गया कि विधायक अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें, डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं और स्थानीय समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करें।
मौजूदा विधायकों की राजनीतिक परीक्षा शुरू
पार्टी ने साफ किया है कि वर्तमान विधायक टिकट आवंटन की प्राथमिकता सूची में हैं, लेकिन अंतिम फैसला प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। क्षेत्रीय सक्रियता, संगठन का फीडबैक, सर्वे रिपोर्ट और जनता के बीच पकड़ को आधार बनाया जाएगा। आने वाले महीनों में विधायकों की परीक्षा शुरू हो चुकी है। उन्हें कार्यकर्ताओं से समन्वय बढ़ाना होगा, क्षेत्रीय मुद्दों पर सक्रिय रहना होगा और सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचाना होगा। स्थानीय असंतोष को दूर करना भी उनकी जिम्मेदारी होगी।
भाजपा संगठन ने जोर दिया है कि रणनीति सिर्फ मौजूदा सीटों को बचाने तक सीमित नहीं रहेगी। पिछले चुनाव में हारी हुई सीटों और कम अंतर से जीती गई सीटों पर विशेष फोकस रहेगा। बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत कर कमजोर कड़ियों की पहचान की जाएगी और उन्हें सुधारा जाएगा।
युवा, महिला और लाभार्थी वर्ग पर विशेष जोर
पार्टी ने प्रदेश नेतृत्व को निर्देश दिया है कि चुनावी रणनीति में युवा और महिला मतदाताओं के साथ लाभार्थी वर्ग को केंद्र में रखा जाए। रोजगार, विकास, पलायन और स्थानीय सुविधाओं जैसे मुद्दों पर लगातार संवाद बढ़ाने को कहा गया है। डबल इंजन सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने वाले वर्गों तक पहुंच बनाकर उन्हें पार्टी से जोड़े रखने की रणनीति अपनाई जाएगी।
सीएम धामी के लिए कई क्षेत्रों से प्रस्ताव
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की लोकप्रियता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि प्रदेश के लगभग 25 विधानसभा क्षेत्रों से उन्हें चुनाव लड़ने के प्रस्ताव और आमंत्रण पत्र भेजे जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार चंपावत विधानसभा क्षेत्र को मुख्यमंत्री के लिए सबसे पसंदीदा विकल्प माना जा रहा है। वर्तमान में सीएम धामी इसी क्षेत्र से विधायक हैं और यहां हुए विकास कार्यों ने इसे मॉडल क्षेत्र के रूप में स्थापित कर दिया है। हालांकि अंतिम फैसला मुख्यमंत्री और भाजपा संगठन के स्तर पर ही लिया जाएगा।
भाजपा का मानना है कि मौजूदा विधायकों को मैदान में रखकर और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करके 2027 में मजबूत प्रदर्शन किया जा सकता है। पार्टी नेतृत्व लगातार निगरानी रखेगा कि कौन सा विधायक क्षेत्र में कितना सक्रिय है और जनता के बीच कितनी स्वीकार्यता रखता है। प्रदर्शन ही टिकट का असली आधार बनेगा।








