छापेमारी में मिली अनियमितताएँ और दस्तावेज जब्त
एसएआईबी की टीमों ने शहर के पांच प्रमुख पटाखा विक्रेताओं के गोदामों और प्रतिष्ठानों पर एक साथ दबिश दी। टीम के नेतृत्व में अपर आयुक्त पान सिंह डुंगरियाल तथा संयुक्त आयुक्त अजय सिंह थे; अभियान में उपायुक्त एसएआईबी/प्र. सुरेश कुमार, सहायक आयुक्त टीआर चन्याल, अमित कुमार और धर्मवीर सैनी सहित कई अधिकारी शामिल रहे।
जांच के दौरान टीम को गोदामों में भरे स्टॉक और स्टॉक रजिस्टर के मध्य भारी अंतर मिला। बिल अधूरे पाए गए, खरीदी-बिक्री के कई रिकार्ड गायब रहे और जीएसटी रजिस्टर व कंप्यूटर रिकॉर्डों में भी अनियमितताएँ उभरीं। विभाग ने सभी वित्तीय दस्तावेज, बिल बुक, जीएसटी रिकॉर्ड और कंप्यूटर फाइलें कब्जे में ले ली हैं ताकि कर चोरी की पूरी श्रृंखला का गहन ऑडिट किया जा सके।
विभाग की आगे की कार्रवाई और चेतावनी
अधिकारियों ने बताया कि जब्त माल की कर देनदारी का परीक्षण किया जा रहा है और टैक्स मूल्यांकन के बाद व्यापारी के खिलाफ जीएसटी अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई व लाइसेंस संबंधी कदम उठाए जाएंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआती कार्रवाई है और आगामी दिनों में हरिद्वार, रुड़की, हल्द्वानी समेत अन्य प्रमुख व्यापारिक केन्द्रों में भी इसी प्रकार के छापेमारी अभियान चलाए जाएंगे।
राज्य कर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “दीपावली सीजन में अत्यधिक मुनाफे की तलब में कुछ व्यापारी स्टॉक छिपाने, नकली बिलिंग और बिना इनवॉयस के लेन-देन में लिप्त पाए गए हैं। ऐसे किसी भी धंदे के प्रति विभाग सख्त रहेगा।”
बाजार में हलचल, व्यापारी रिकार्ड व्यवस्थित करने में जुटे
छापेमारी के बाद देहरादून के पटाखा बाजार में हड़कंप की स्थिति रही। कई व्यापारी तत्काल अपने स्टॉक व लेखा-जोखा व्यवस्थित करने में लग गए। विभाग ने कहा कि अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक पटाखा व्यापार पूरी तरह पारदर्शी और कर-अनुरूप नहीं हो जाता।









