हेमकुंड साहिब के बाद लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी बंद! बर्फबारी के बीच विधि-विधान से संपन्न हुई अंतिम पूजा, इस साल 3.84 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के बाद आज नवरात्रि के पावन अवसर पर लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर पूरे विधि-विधान के साथ मंदिर के कपाट बंद किए गए। इससे पहले भगवान लक्ष्मण की विशेष पूजा-अर्चना की गई और धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए कपाट बंद कर दिए गए।
कपाट बंद होने के दौरान यहां का नजारा भी बेहद खास रहा। लोकपाल लक्ष्मण मंदिर चारों ओर से बर्फ की सफेद चादर में ढका हुआ है। वहीं, कपाट बंद होने के समय मंदिर परिसर में बर्फबारी भी हुई। ऊंचाई वाले इस क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे यहां सर्दियों की दस्तक साफ दिखाई देने लगी है।
वहीं, हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार को ही विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। इस अवसर पर गुरुद्वारे में पहुंचे करीब 4,000 श्रद्धालुओं ने साल की अंतिम अरदास में हिस्सा लिया और गुरु महाराज के समक्ष शीश नवाया।
इस वर्ष हेमकुंड साहिब में श्रद्धालुओं की संख्या 3.84 लाख से अधिक पहुंच गई, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा बताया जा रहा है। कपाट बंद होने के पावन अवसर पर पाकिस्तान से आए 40 श्रद्धालुओं का जत्था भी मौजूद रहा।
अब बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के बीच हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं। श्रद्धालुओं को अब अगले यात्रा सीजन का इंतजार रहेगा, जब एक बार फिर इन पवित्र धामों के कपाट खुलेंगे और आस्था का सैलाब उमड़ेगा।










