उत्तराखंड: (CBI) ने सीमा सड़क संगठन (BRO) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में उत्तराखंड के पांच जिलों में एक साथ छापेमारी की है। बुधवार तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई ने निर्माण विभाग और ठेकेदारों में हड़कंप मचा दिया है। CBI की टीमों ने कार्यालयों, आवासों और कैंप साइट्स पर दस्तावेजों की बारीकी से जांच की और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को कब्जे में लिया।
यह छापेमारी BRO की परियोजनाओं में कथित फंड मिसअप्रोप्रिएशन, फर्जी मजदूरों के नाम पर भुगतान और अन्य वित्तीय गड़बड़ियों की लंबे समय से चल रही जांच का हिस्सा है। सूत्रों के मुताबिक, CBI की अलग-अलग टीमों ने मुनश्यारी, पिथौरागढ़, नैनीताल, हरिद्वार और देहरादून में विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी।
छापेमारी के प्रमुख केंद्र और कार्रवाई का स्वरूप
CBI की देहरादून टीम ने कुमाऊं रेंज के मुनश्यारी, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में BRO के कार्यालयों, आवासीय परिसरों और कैंप ऑफिसों की तलाशी ली। वहीं, हरिद्वार और देहरादून में अन्य राज्यों से आई CBI टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया।
कार्रवाई के दौरान निर्माण कार्यों से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट्स, ठेका संबंधी फाइलें और डिजिटल डिवाइसेज (लैपटॉप, मोबाइल, हार्ड ड्राइव्स) की जांच की गई। जहां जरूरी हुआ, स्थानीय पुलिस का सहयोग भी लिया गया। टीमों ने संदिग्ध लेन-देन और अनियमितताओं के सबूत जुटाए हैं।
यह कार्रवाई BRO के देशव्यापी फंड घोटाले से जुड़ी है, जिसमें 11 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 26 स्थानों पर एक साथ छापेमारी हुई। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार आदि में भी सर्च चलाए गए। BRO की सीमा क्षेत्रों की सड़क परियोजनाओं में फर्जी कर्मचारियों के नाम पर करोड़ों रुपये के गबन के आरोप लगे हैं।
BRO की भूमिका और भ्रष्टाचार के संभावित प्रभाव
सीमा सड़क संगठन (BRO) भारतीय सेना के अधीन कार्यरत एक महत्वपूर्ण संगठन है जो सीमा क्षेत्रों में रणनीतिक सड़कें, पुल और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करता है। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में BRO की परियोजनाएं न केवल विकास के लिए बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
कथित भ्रष्टाचार से सड़क निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित होने, समय पर परियोजनाएं पूरी न होने और सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है। CBI की जांच में 10 अधिकारियों समेत कई लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामलों की पड़ताल हो रही है।
जांच की पृष्ठभूमि और आगे की संभावनाएं
CBI लंबे समय से BRO की विभिन्न परियोजनाओं में अनियमितताओं की जांच कर रही थी। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर चार अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। बुधवार की छापेमारी इन मामलों में निर्णायक सबूत जुटाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से BRO में पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य में ऐसे घोटालों को रोका जा सकेगा। CBI की टीमें जब्त दस्तावेजों का फॉरेंसिक विश्लेषण कर रही हैं। आगे गिरफ्तारियां और चार्जशीट दाखिल किए जाने की संभावना है।
कार्रवाई एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।






