खटीमा : उत्तराखंड के खटीमा में रविवार को एक शादी समारोह के दौरान मेहर और दहेज की मांग को लेकर हुए विवाद ने दुखांत रूप ले लिया। दुल्हन के पिता सदमे में हार्ट अटैक का शिकार हो गए और उनकी मौत हो गई। इस घटना से मैरिज हॉल में अफरा-तफरी मच गई और आक्रोशित परिजनों ने दूल्हा पक्ष के कई सदस्यों को बंधक बना लिया। कई बाराती जान बचाने के लिए पास की इमारत की छत से कूद पड़े, जिससे कुछ लोग घायल भी हो गए।
घटना की पूरी डिटेल
इस्लामनगर वार्ड नंबर-7 निवासी सादिक ठेकेदार की बेटी की शादी बरेली के बड़ा फरीदपुर से आई बारात के साथ तय हुई थी। निकाह के समय मेहर की राशि को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस छिड़ गई। लड़की पक्ष ने मेहर की राशि 5 लाख रुपये तय करने पर जोर दिया, जबकि दूल्हा पक्ष केवल 21 हजार रुपये देने को तैयार था।
आरोप है कि शादी तय होने के बाद दूल्हा पक्ष ने पहले स्कूटी, फिर अपाचे बाइक और एक लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की थी। विवाद बढ़ने पर सादिक ठेकेदार को अचानक हार्ट अटैक आ गया। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
माहौल तनावपूर्ण, बारातियों पर हमला
दुल्हन के पिता की मौत की खबर फैलते ही मैरिज हॉल में गुस्सा भड़क उठा। आक्रोशित परिजनों ने दूल्हे, उसके पिता, भाई, बहनोई और अन्य बारातियों को घेर लिया। मारपीट की घटनाएं हुईं। स्थिति इतनी बिगड़ी कि कई बारातियों ने पास के मकान की छत से कूदकर भागने की कोशिश की। इस दौरान छत का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और कुछ लोग घायल हो गए।
मैरिज हॉल में कुर्सियां तोड़ी गईं और भारी अफरा-तफरी मची। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं, बच्चों और बाकी बारातियों को सुरक्षित बाहर निकाला। देर रात तक कोतवाल विजेंद्र शाह और एसआई किशोर पंत की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी।
स्थानीय प्रशासन और समाजसेवियों की भूमिका
मौके पर मौलाना इरफानुल हक, सभासद असलम अंसारी, पूर्व बीडीसी सदस्य ताहिर, अराफात, बाबू प्रधान, नफीस अंसारी और मौलाना फरियाद आलम समेत कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पुलिस ने बार-बार भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अनाउंसमेंट किए और लाठियां फटकारनी पड़ीं।
दुल्हन के परिवार पर दोहरा सदमा है। पिता की मौत के बाद सबसे बड़े भाई जाहिद पर बहन की जिम्मेदारी आ गई है। परिवार के मुताबिक, देर रात तक सादिक ठेकेदार का जनाजा रखा गया। दुल्हन सदमे में है और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस का कहना है कि समझौते का प्रयास किया जा रहा है। यदि दोनों पक्षों में सहमति नहीं बनी तो संबंधित तहरीरों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।








