उत्तराखंड : उत्तराखंड के किच्छा हाईवे पर एक चौंकाने वाली दुर्घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया है। इंटार्च फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी रामवीर की ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर के बाद उनके शव को छिपाने की कोशिश की गई। ट्रॉली चालक और उसके साथियों ने घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने के बजाय उसे “मृत” मानकर लोडर मशीन की मदद से दबाने का प्रयास किया। यह घटना उन जागरूकता अभियानों को सीधा चुनौती दे रही है जिनमें दुर्घटना में घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की अपील की जाती है।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई सनसनीखेज हलचल
दुर्घटना की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो गई। रात के समय हाईवे पर भूसे से लदी ओवरलोडेड ट्रैक्टर-ट्रालियों की होड़ साफ दिखाई दे रही है। ट्रॉली अनियंत्रित होकर हाईवे से नीचे कच्चे रास्ते पर उतर गई और रामवीर को अपनी चपेट में ले ली। दुर्घटना के तुरंत बाद ट्रॉली चालक और उसके साथी घटनास्थल पर पहुंचे। फुटेज में उनकी गतिविधियां संदिग्ध नजर आती हैं। कुछ देर बाद मौके पर लोडर मशीन और अन्य वाहन भी पहुंच गए। फैक्ट्री कर्मियों ने जब रामवीर का दाहिना हाथ का पंजा जमीन पर पड़ा देखा तो शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और शव बरामदगी
पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर फॉरेंसिक टीम को बुलाया। आसपास की खोजबीन के दौरान रामवीर का शव लोडर मशीन से दबाए जाने के संकेत मिले। पुलिस ने शव बरामद कर लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक तथा उसके साथियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या दुर्घटना के बाद जानबूझकर शव छिपाने की कोशिश की गई।
रात में ट्रालियों की होड़: पुलिस गश्त पर उठे सवाल
सीसीटीवी फुटेज में रात के अंधेरे में भूसे से भरी ट्रालियों की स्पीड और होड़ साफ दिख रही है। चालक एक-दूसरे को पछाड़ने की होड़ में लगे हुए थे। यह दृश्य पुलिस की रात्रिकालीन गश्त और ओवरलोडेड वाहनों पर अंकुश लगाने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे पर भारी वाहनों की अनियंत्रित गति और रात में लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाएं आम हो गई हैं।












