गैस किल्लत के दबाव में एजेंसी मैनेजर ने उठाया खौफनाक कदम, हाथ काटकर किया खुद को घायल
लगातार तनाव, ग्राहकों की भीड़ और नोंकझोंक के बीच बिगड़ी स्थिति, अस्पताल में भर्ती – हालत अब स्थिर
श्रीनगर गढ़वाल, स्थानीय गैस एजेंसी में बढ़ती LPG सिलेंडरों की कमी ने एक गंभीर रूप ले लिया, जब एजेंसी के मैनेजर ने मानसिक दबाव में आकर कांच से अपना हाथ काट लिया। यह घटना उस समय हुई जब सुबह गैस की गाड़ी गोदाम में पहुंची और सिलेंडर लेने आए लोगों व एजेंसी कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हो गई।
बताया जा रहा है कि बीते कई दिनों से क्षेत्र में LPG सिलेंडरों की किल्लत बनी हुई है, जिसके चलते एजेंसी पर भारी भीड़ उमड़ रही है। सीमित आपूर्ति और बढ़ती मांग के कारण कर्मचारियों पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। इसी तनाव के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मैनेजर ने आपा खो दिया और खुद को घायल कर लिया।
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, चोट गंभीर नहीं है और राहत की बात यह रही कि नस नहीं कटी। फिलहाल मैनेजर की हालत स्थिर बताई जा रही है और वह खतरे से बाहर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जबकि सरकार की ओर से पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया जा रहा है। हकीकत में एजेंसियों को पहले की तुलना में कम सिलेंडर मिल रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच रोजाना विवाद की स्थिति बन रही है।
यह घटना न सिर्फ आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि लगातार दबाव और अव्यवस्था किस तरह एक सामान्य स्थिति को गंभीर बना सकती है। अब जरूरत है कि प्रशासन इस समस्या का जल्द समाधान निकाले, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।













