हल्द्वानी : उत्तराखंड के हल्द्वानी में नीट (NEET) की तैयारी कर रही 19 वर्षीय छात्रा अंजलि जाटव ने मंगलवार देर रात आत्महत्या कर ली। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की रहने वाली अंजलि मुखानी क्षेत्र के खाटू श्याम मंदिर के पास स्थित एक निजी कोचिंग से जुड़े पेइंग गेस्ट (PG) में रह रही थीं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को संदिग्ध माना है और हर पहलू से जांच शुरू कर दी है।
घटना का विवरण
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मंगलवार रात एक युवक ने अंजलि की सहेली को फोन कर बताया कि अंजलि का फोन स्विच ऑफ है। सूचना मिलने पर दोस्तों ने पीजी पहुंचकर देखा तो कमरे में अंदर अंजलि दुपट्टे से झूलती हुई दिखी, अंजलि के दोस्तों ने तुरंत खिड़की की जाली काटकर उसे नीचे उतारा और सुशीला तिवारी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
शव को मोर्चरी में रख दिया गया है। स्वजन गुरुवार को हल्द्वानी पहुंचने वाले हैं, जिसके बाद पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।
घटना स्थल से मिली डायरी
पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन एक डायरी जरूर बरामद हुई है। इसमें लिखा है- “एक को छोड़ दिया है, दूसरे को नहीं छोड़ूंगी।” इस बयान को देखते हुए प्रेम प्रसंग में हुई इस घटना की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने अंजलि का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है और उसकी सोशल मीडिया एक्टिविटी तथा गूगल सर्च हिस्ट्री की जांच कर रही है। आखिरी बार जिस युवक ने अंजलि को फोन किया था, उसकी भी पहचान और पूछताछ की जा रही है।
परिवार की पृष्ठभूमि और सपना
अंजलि जाटव मानीपुरा कोलारस, शिवपुरी (मध्य प्रदेश) की निवासी थीं। उनके पिता रघुवीर जाटव ने पहले अपने बेटे को भी हल्द्वानी की कोचिंग में भेजा था। बेटे ने यहां से पढ़ाई पूरी कर नीट पास किया और वर्तमान में एम्स भोपाल में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। इसी सफलता को देखते हुए रघुवीर जाटव ने अपनी बेटी को भी 563 किलोमीटर दूर हल्द्वानी भेजकर नीट की तैयारी कराने का फैसला किया था।
अंजलि 30 मई को एक निजी कोचिंग में एडमिशन ले चुकी थीं। वह अभी डेमो क्लासेस ले रही थीं और 29 जून से उनकी नियमित कक्षाएं शुरू होनी थीं।









