रुद्रप्रयाग : रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि क्षेत्र में एक 5 वर्षीय मासूम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। ग्राम बाड़व निवासी मयंक उर्फ पंकू पुत्र विजय लाल की लापता होने के 11 दिन बाद घने जंगल में शव बरामदगी ने न केवल परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया, बल्कि स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश भी पैदा कर दिया है। इस घटना में एक चौंकाने वाला पहलू सामने आया है, जिसमें बच्चे की तलाश के दौरान एक व्यक्ति ने ठगी का सहारा लिया। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
घटना का क्रम और बच्चे के लापता होने की पूरी कहानी
पंकू बीते 11 दिनों से परिवार की नजरों से ओझल था। बताया गया कि बच्चा घर के आंगन में खेल रहा था और अपनी मां के पीछे-पीछे घर से बाहर निकल गया। मां को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब वह लौटी तो बच्चा कहीं नहीं मिला। परिवार ने तुरंत पूरे इलाके में खोजबीन शुरू कर दी, लेकिन 11 दिन तक कोई सुराग नहीं मिला। अंततः घने जंगल में बच्चे का शव बरामद किया गया। इस खबर ने पूरे अगस्त्यमुनि क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी। स्थानीय लोग अब मासूम की मौत के कारणों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
परिवार की पीड़ा को और बढ़ाने वाली बात यह रही कि बच्चे की तलाश के दौरान ही एक व्यक्ति ने खुद को मददगार बताकर संपर्क किया। उसने बच्चा ढूंढने का भरोसा दिलाया, लेकिन इसके बदले ₹2500 की मांग की। दुखी पिता ने उम्मीद में पैसा दे दिया। बाद में पता चला कि यह पूरी तरह ठगी थी और आरोपी का बच्चे की तलाश से कोई लेना-देना नहीं था।
जांच में उजागर हुआ ठगी का मामला
पुलिस जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। मोबाइल ट्रेसिंग के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया गया। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी केवल ठगी तक सीमित था या वह इस पूरे मामले में किसी अन्य रूप से भी जुड़ा हुआ है। बच्चे के शव का पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच पूरी कर ली गई है। रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और एसपी का बयान
रुद्रप्रयाग पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने स्पष्ट कहा है कि जांच हर एंगल से की जा रही है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरी पारदर्शिता बनाए रखते हुए दोषी चिह्नित किए जाएंगे। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने स्थानीय लोगों में कुछ उम्मीद जगाई है, लेकिन साथ ही सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
क्षेत्र में शोक, आक्रोश और न्याय की मांग
इस घटना ने पूरे अगस्त्यमुनि क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। एक तरफ मासूम की मौत ने लोगों को झकझोर दिया, तो दूसरी तरफ दुख की घड़ी में हुई ठगी ने मानवता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपेक्षा जताई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।













