उधमसिंह नगर : उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में हालिया असलहा तस्करी का मामला अब राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील बन गया है। सितारगंज क्षेत्र से गिरफ्तार दो तस्करों के अल-बदर आतंकी संगठन के ओवरग्राउंड वर्कर रेहान मीर से जुड़ाव सामने आने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाने का फैसला लिया है।
सितारगंज में हुई बड़ी गिरफ्तारी
९ अप्रैल को सितारगंज पुलिस और विशेष अभियान समूह (एसओजी) की संयुक्त टीम ने सितारगंज के चोरगलिया-नैनीताल जंगल इलाके में दो स्थानीय युवकों को भारी मात्रा में हथियार और कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी सितारगंज निवासी हरेंद्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा उर्फ रानू हैं। इनके कब्जे से पांच असलहे और ३०० से अधिक कारतूस बरामद किए गए। दोनों आरोपी हथियारों को जंगल में छिपाने ले जा रहे थे।
अल-बदर आतंकी संगठन से खुला कनेक्शन
प्रारंभिक पूछताछ में हरेंद्र सिंह उर्फ हनी ने अल-बदर आतंकी संगठन के ओवरग्राउंड वर्कर रेहान मीर से अपने संबंध स्वीकार किए। हरेंद्र ने कबूल किया कि उसने रेहान मीर को सात पिस्टल उपलब्ध कराए थे। बदले में रेहान मीर ने जम्मू-कश्मीर के विभिन्न बैंकों से हरेंद्र के खाते में चार से पांच लाख रुपये ट्रांसफर किए। यह लेन-देन आतंकी गतिविधियों को आर्थिक सहयोग देने का स्पष्ट संकेत है।
२०२१ का पुराना मामला भी जुड़ा
जांच के दौरान यह भी पता चला कि वर्ष २०२१ में दिल्ली स्पेशल टीम ने रेहान मीर को गिरफ्तार किया था। उस समय हरेंद्र सिंह उर्फ हनी इस मामले में वांछित था। रेहान मीर की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली स्पेशल सेल और आईबी ने हरेंद्र व निखिल से विस्तृत पूछताछ की थी और जरूरी जानकारी जुटाई थी।
NIA की जांच में एंट्री, ऊधम सिंह नगर पहुंचेगी टीम
अब इस अंतरराज्यीय असलहा तस्करी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी आधिकारिक रूप से एंट्री ले ली है। सूत्रों के अनुसार एक-दो दिन के भीतर NIA की टीम ऊधम सिंह नगर पहुंचकर स्थानीय पुलिस से संपर्क करेगी और पूरे मामले की विस्तृत जानकारी जुटाएगी। जरूरत पड़ने पर एजेंसी B-वारंट के तहत जेल में बंद दोनों तस्करों से भी पूछताछ कर सकती है।
पुलिस प्रशासन का आश्वासन
ऊधम सिंह नगर के एसएसपी अजय गणपति ने स्पष्ट कहा, “असलहा तस्करों के आतंकी रेहान मीर से मिले कनेक्शन के बाद दिल्ली स्पेशल सेल और अन्य एजेंसियों ने पूछताछ की है। NIA की जांच में पुलिस की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।”











