श्रीनगर : उत्तराखंड के श्रीनगर गढ़वाल में शुक्रवार देर रात पौड़ी चुंगी क्षेत्र में एक साधारण ओवरटेकिंग विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। स्थानीय युवकों और राजस्थान से आए पर्यटकों के बीच हुई इस मारपीट में तीन स्थानीय युवक घायल हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 10 राजस्थानी यात्रियों को हिरासत में लिया है।
घटना का क्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पौड़ी चुंगी पर एक वाहन को ओवरटेक करने को लेकर दोनों पक्षों में शुरू हुई बहस धीरे-धीरे तीखी होती गई। विवाद श्रीयंत्र टापू क्षेत्र तक पहुंचते-पहुंचते हाथापाई में बदल गया। आरोप है कि राजस्थान के कार सवार युवकों ने अपने अन्य साथियों को बुलाकर स्थानीय युवकों पर डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। एक स्थानीय युवक पर दांत से काटने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है।

इस घटना में तीन स्थानीय युवकों को चोटें आईं। घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही श्रीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने राजस्थान से आए कुल 10 यात्रियों को हिरासत में लेकर थाने में बंद कर दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने बताया कि घायल युवक आज कोतवाली पहुंचकर लिखित शिकायत (तहरीर) देंगे, जिसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
स्थानीय युवकों में आक्रोश
घटना के बाद श्रीनगर गढ़वाल के स्थानीय युवकों में भारी आक्रोश देखा गया। बड़ी संख्या में युवक थाने पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। देर रात तक कई युवक थाने के बाहर धरने पर बैठे रहे।
युवकों ने हाल ही में कर्णप्रयाग, नगरासू और देहरादून में हुई इसी तरह की घटनाओं का हवाला देते हुए उत्तराखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने स्थानीय लोगों की सुरक्षा और पर्यटकों द्वारा नियमों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
पर्यटन नगरी में सुरक्षा की चुनौती
उत्तराखंड पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है। श्रीनगर गढ़वाल चारधाम यात्रा मार्ग और स्थानीय पर्यटन स्थलों के कारण राजस्थान समेत देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में यात्री आते हैं। ऐसे में पर्यटकों और स्थानीय समुदाय के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी-छोटी बातों पर विवाद को बढ़ने से पहले रोकने के लिए जागरूकता अभियान और बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट की जरूरत है।
आगे की कार्यवाही
पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाया है और शांति बनाए रखने की अपील की है। मामले की जांच चल रही है। यदि आरोप सही पाए गए तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।









