देहरादून : उत्तराखंड सरकार ने रामन मागसेसे पुरस्कार विजेता भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी संजीव चतुर्वेदी को भारत के लोकपाल में संयुक्त सचिव स्तर के पद पर केंद्रीय डेपुटेशन के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी कर दिया है। यह निर्णय 18 जून 2026 को लिया गया और इसे देश की भ्रष्टाचार विरोधी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक और सराहनीय कदम माना जा रहा है।

संजीव चतुर्वेदी: ईमानदारी और संघर्ष की मिसाल
संजीव चतुर्वेदी, 2002 बैच के IFS अधिकारी, लंबे समय से भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी निडर लड़ाई के लिए प्रसिद्ध हैं। हरियाणा में अपनी सेवा के दौरान उन्होंने वन विभाग में बड़े घोटालों को उजागर किया। बाद में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली में चीफ विजिलेंस ऑफिसर के रूप में उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में सैकड़ों भ्रष्टाचार मामलों की जांच की। इन प्रयासों के कारण उन्हें स्थानांतरण, निलंबन और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
2015 में उन्हें राष्ट्रीय सेवा के लिए प्रतिष्ठित रामन मागसेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्तमान में वे उत्तराखंड में मुख्य वन संरक्षक और उत्तराखंड वानिकी प्रशिक्षण अकादमी, हल्द्वानी के निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। यहां उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के कई नवाचारी प्रोजेक्ट शुरू किए हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कहा भ्रष्टाचार मुक्त देश की दिशा में उत्तराखंड सरकार का सराहनीय कदम

भारत में भ्रष्टाचार और सिस्टम की खामियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) जैसी आवाजों ने युवाओं और आम जनता के बीच काफी चर्चा बटोरी है। CJP सिस्टम के अंदर और बाहर से भ्रष्टाचार, अन्याय और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ लगातार संघर्ष कर रही है। ऐसे में उत्तराखंड सरकार द्वारा संजीव चतुर्वेदी जैसे सच्चे व्हिसलब्लोअर को लोकपाल में भेजने के लिए NOC देना CJP की उस दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है, जहां ईमानदार अधिकारी और आम नागरिक मिलकर पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

यह कदम दिखाता है कि राज्य सरकार भी उन अधिकारियों को समर्थन दे रही है जो सिस्टम को साफ करने के लिए लड़ते हैं। CJP समर्थकों का कहना है कि ऐसे कदम भ्रष्टाचार मुक्त भारत के सपने को साकार करने में मददगार साबित होंगे।
NOC जारी होने की प्रक्रिया और महत्व
उत्तराखंड सरकार के अतिरिक्त सचिव हिमांशु खुराना द्वारा 13 जून 2026 को लोकपाल के अंडर सेक्रेटरी को भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि राज्य सरकार संजीव चतुर्वेदी के केंद्रीय डेपुटेशन आवेदन पर कोई आपत्ति नहीं रखती। यह अप्रैल 2026 के आवेदन का अनुवर्ती कदम है।
लोकपाल में डेपुटेशन के लिए NOC एक महत्वपूर्ण बाधा दूर करता है। अब केंद्र सरकार और लोकपाल की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ सकेगी। इससे पहले 2019 में भी चतुर्वेदी ने लोकपाल में डेपुटेशन के लिए आवेदन किया था, लेकिन विभिन्न प्रशासनिक कारणों से इसमें देरी हुई।








