स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों के फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का मामला, आरोपी धीरज की जमानत याचिका खारिज
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों के फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के मामले में गिरफ्तार आरोपी धीरज कुमार श्रीवास्तव को अदालत से राहत नहीं मिली है। अपर सिविल जज भारती मंगलानी की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
बता दें कि एसआईटी ने सितंबर में धीरज कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान उसके पास से कथित फर्जीवाड़े में कमीशन के तौर पर मिले करीब 5 लाख 58 हजार रुपये भी बरामद किए गए थे।
आरोपी धीरज कुमार श्रीवास्तव की उम्र 37 साल है और वह मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एमबीबीएस वे नाम से एडमिशन कंसल्टेंसी का कार्यालय चलाता था। आरोप है कि उसने सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर विभिन्न आवेदकों के फर्जी पते दर्शाए और उन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी धर्मवीर का आश्रित बताकर फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने में भूमिका निभाई।
वहीं, आरोपी ने अदालत में जमानत याचिका दाखिल कर खुद को निर्दोष बताया था। उसका तर्क था कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है और प्राथमिकी में उसका नाम भी दर्ज नहीं है।
हालांकि, अदालत ने अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी।










