उत्तराखंड : उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (UBSE) ने वर्ष 2026 के हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिए हैं। इस बार भी परिणामों में छात्राओं का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जहां इंटरमीडिएट में दो छात्राओं ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया, वहीं हाईस्कूल में भी 98% से अधिक अंक लाकर टॉपर्स ने नई मिसाल कायम की।
इंटरमीडिएट में बेटियों का जलवा, 98% के साथ संयुक्त टॉप
इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में गीतिका पंत (सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, बागेश्वर) और सुशीला मेहदीरत्ता (भंगाराम अमर इंटर कॉलेज, भुरापानी ऊधमसिंह नगर) ने 98.0% अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। दोनों छात्राओं की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि बेटियां लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही हैं।
द्वितीय स्थान पर आर्यन (सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, ऋषिकेश) ने 97.80% अंक हासिल किए, जबकि वंशिका (सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मायापुर हरिद्वार) ने 97.00% अंकों के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया।
जिला स्तर पर बागेश्वर ने 94.81% परिणाम के साथ इंटरमीडिएट में पहला स्थान हासिल कर पूरे प्रदेश में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
हाईस्कूल में भी शानदार प्रदर्शन, 98% के पार टॉपर्स
हाईस्कूल परीक्षा में अक्षत गोपाल (एमपी हिंदू इंटर कॉलेज, रामनगर) ने 98.20% अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। द्वितीय स्थान पर इशांत कोठारी (एसवीएम इंटर कॉलेज, चिन्यालीसौड़, उत्तरकाशी) और भूमिका (जीबी पंत जीआईसी, खैरना नैनीताल) ने 98% अंक के साथ संयुक्त रूप से जगह बनाई।
तृतीय स्थान योगेश जोशी (विवेकानंद वीएम इंटर कॉलेज, मंडलसेना बागेश्वर) को 97.80% अंकों के साथ मिला।
बालिकाओं की बात करें तो भूमिका ने 98% अंकों के साथ हाईस्कूल में छात्राओं में टॉप कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
बागेश्वर बना अव्वल जिला
हाईस्कूल परिणामों में भी बागेश्वर जिला 96.98% परीक्षाफल के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। इस तरह इंटरमीडिएट और हाईस्कूल दोनों ही स्तर पर बागेश्वर जिले ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत की है।
मेरिट सूची में श्रीनगर के शशांक पुरोहित का चौथा स्थान
सरस्वती विद्या मंदिर श्रीनगर के छात्र शशांक पुरोहित ने हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में 97.2% अंक प्राप्त कर प्रदेश की मेरिट सूची में चौथा स्थान हासिल किया है। उनकी इस सफलता से विद्यालय और परिवार में खुशी का माहौल है। शशांक के पिता और माता दोनों ही शिक्षक हैं, जिससे उन्हें शिक्षा का बेहतर माहौल मिला।













