उत्तराखंड : उत्तराखंड सरकार ने राज्य प्रशासन को और अधिक कुशल तथा लक्ष्य-उन्मुख बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल किया है। कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-1 द्वारा जारी आदेश के तहत कुल 11 वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों के विभागों में बदलाव किए गए हैं। ये बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
इस फेरबदल में कई अधिकारियों से अतिरिक्त प्रभार वापस लिए गए हैं, जबकि कई को नई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह कदम राज्य सरकार की बेहतर शासन व्यवस्था, विभागीय समन्वय और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
प्रमुख बदलाव और उनके प्रभाव
आनंद बर्द्धन (IAS-1997):
प्रमुख सचिव-आबकारी विभाग का प्रभार वापस लिया गया है। वे पूर्ववत प्रमुख सचिव-खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले तथा आयुक्त-कृषि उत्पादन की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। आनंद बर्द्धन जैसे वरिष्ठ अधिकारी की निरंतरता राज्य की खाद्य सुरक्षा और कृषि उत्पादकता से जुड़ी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है
नितेश कुमार झा (IAS-2002):
सचिव-सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग से हटाकर उन्हें सचिव-पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। पंचायती राज विभाग ग्रामीण विकास और स्थानीय स्वशासन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
रविनाथ रमन (IAS-2004):
सचिव-विद्यालयी शिक्षा का प्रभार वापस ले लिया गया है। अब उन्हें सचिव-परिवहन विभाग एवं आयुक्त-परिवहन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिवहन विभाग राज्य की कनेक्टिविटी, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों के लिए क्रूशियल भूमिका निभाता है।
पूनजा कुमार पाण्डेय (IAS-2005):
सचिव-लोक निर्माण विभाग के साथ ही उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर का यह संयोजन डिजिटल उत्तराखंड और स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा में मजबूत कदम साबित हो सकता है।
युगेश कुमार सिंह (IAS-2006):
परिवहन विभाग का प्रभार वापस लेकर उन्हें सचिव-आबकारी विभाग बनाया गया है।
सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय (IAS-2007):
सचिव-गन्ना विकास एवं चीनी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह विभाग राज्य की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था, विशेषकर गन्ना उत्पादक किसानों के लिए महत्वपूर्ण है।
ज्योति यादव (IAS-2009):
सचिव-विद्यालयी शिक्षा (प्रारंभिक एवं माध्यमिक) के पद पर नियुक्त किया गया है। शिक्षा विभाग में यह बदलाव गुणवत्ता सुधार और NEP-2020 के क्रियान्वयन को गति दे सकता है।
सुशील किशोर पंत (IAS-2009):
सचिव-सचिवालय प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रणवीर सिंह चौहान (IAS-2009):
सचिवालय प्रशासन और गन्ना विकास विभाग से हटाकर उन्हें सचिव-वित्त विभाग बनाया गया है। वित्त विभाग राज्य की आर्थिक योजनाओं और बजट प्रबंधन का केंद्र है।
पराग मधुकर धाकटे (IFS):
विशेष सचिव-पंचायती राज विभाग का प्रभार वापस लिया गया है।
अभिषेक रुहेला (IAS-2015):
अपर सचिव-राज्य संपत्ति विभाग एवं राज्य संपत्ति अधिकारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
फेरबदल का उद्देश्य और अपेक्षाएं
उत्तराखंड सरकार ऐसे फेरबदलों के माध्यम से दक्षता बढ़ाना, लंबित कार्यों को गति देना और विभिन्न विभागों में समन्वय सुनिश्चित करना चाहती है। विशेष रूप से चारधाम यात्रा, पर्यटन विकास, शिक्षा सुधार, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के संदर्भ में यह बदलाव रणनीतिक महत्व रखते हैं।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां राज्य की प्रगति में नई ऊर्जा भरेंगी। सरकार का फोकस सुशासन, पारदर्शिता और जन-केंद्रित विकास पर है।








