चमोली : शुक्रवार सुबह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चमोली जिले के पीपलकोटी (मायापुर) पहुंचे। उन्होंने विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टेल रेस टनल (TRT) में हुए गंभीर हादसे के बाद चल रहे राहत एवं बचाव अभियान का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सेना की टीमों से विस्तृत जानकारी ली।
इसके बाद उन्होंने घायल श्रमिकों का हाल-चाल जाना और उनके बेहतर इलाज के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचाव अभियान को युद्धस्तर पर जारी रखा जाए और फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के हर संभव प्रयास किए जाएं।
हादसे की पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति
गुरुवार शाम करीब पौने सात बजे (लगभग 6:45 से 7:05 बजे के बीच) हादसा हुआ। उस समय सुरंग के अंदर करीब 22 से 28 श्रमिक काम कर रहे थे। सुरंग के करीब 1.4 से 1.5 किलोमीटर अंदर भूस्खलन या कैविटी बनने से अचानक पानी और मलबा घुस गया। इससे कई श्रमिक फंस गए।
अभी तक सात श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। ग्यारह घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है, जबकि एक घायल को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। तीन श्रमिक अभी भी सुरंग में फंसे बताए जा रहे हैं। उनके बचाव के लिए मलबा हटाने और पानी निकालने का काम जारी है। NDRF, SDRF, ITBP और सेना की टीमें मौके पर सक्रिय हैं।
घायल और मृतक श्रमिकों के नाम
घायलों में शामिल हैं – सुनील दीवान (20, छत्तीसगढ़), हारबील गुड़िया (27, झारखंड), निस्तर भिंगरा (24, झारखंड), विनोद रावना (46, झारखंड), दीना बेगरा (26, झारखंड), खेला राम बिसरा (22, झारखंड), सुबेक सिंह (पंजाब), तिलक राज (48, हिमाचल प्रदेश), पैन सिंह (33, छत्तीसगढ़), रोहित पांडे (बिहार, बेस अस्पताल श्रीनगर में) और गोविंद मंडाल (पश्चिम बंगाल, डिस्चार्ज)।
मृतकों के नाम हैं – प्रदीप पंवार (35, चंबा-टिहरी), मुकेश सिंह (चमोली), दुर्लभ शर्मा (उत्तर प्रदेश), विजय हंसदा (उत्तर प्रदेश), जितेंद्र कुमार (उत्तर प्रदेश), लोकेश्वर (छत्तीसगढ़) और भुवनेश्वर (छत्तीसगढ़)।
लापता/फंसे श्रमिकों में लुकास टोपनों (झारखंड), चेतन पोयाम (छत्तीसगढ़) और देवनाथ (छत्तीसगढ़) शामिल हैं।
जांच के लिए तकनीकी टीम पहुंचेगी
हादसे की जांच के लिए दिल्ली से टीएचडीसी की तकनीकी टीम सीएमडी सिपन कुमार गर्ग के नेतृत्व में शुक्रवार को मौके पर पहुंचेगी। मुख्यमंत्री ने इससे पहले झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से भी संपर्क कर संबंधित राज्यों के श्रमिकों की स्थिति से अवगत कराया था।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि घायलों के उपचार में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया जाएगा। बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी फंसे श्रमिक सुरक्षित बाहर नहीं निकल आते।







