उत्तराखंड : एक अक्टूबर से 31 मार्च तक शीतकालीन समय लागू होने के साथ ही स्कूलों के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। ठंड और सुबह के कम तापमान को देखते हुए विद्यार्थियों को गर्मियों की तुलना में लगभग एक घंटा पांच मिनट देर से स्कूल पहुंचना होगा। साथ ही छुट्टी भी शाम के करीब होगी। यह व्यवस्था उपलब्ध शासनादेश के अनुसार लागू की जा रही है।
प्रार्थना सभा और कक्षाओं का समय
शीतकालीन समय में प्रार्थना सभा सुबह 8:50 से 9:00 बजे तक आयोजित होगी। इसके तुरंत बाद कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। पहला वादन (पीरियड) सुबह 9:00 से 9:45 बजे तक चलेगा। दूसरा वादन 9:45 से 10:30 बजे और तीसरा वादन 10:30 से 11:15 बजे तक निर्धारित किया गया है। चौथा वादन 11:15 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चलेगा।
मध्यांतर और दोपहर के वादन
दोपहर 12:00 से 12:30 बजे तक मध्यांतर का समय रहेगा। इसके बाद पांचवां वादन 12:30 से 1:10 बजे, छठा वादन 1:10 से 1:50 बजे, सातवां वादन 1:50 से 2:30 बजे और आठवां वादन 2:30 से 3:10 बजे तक चलेगा। इस प्रकार विद्यालय की छुट्टी दोपहर 3:10 बजे होगी।
ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन समय का अंतर
नई व्यवस्था के अनुसार मौसम के हिसाब से स्कूलों का समय तय किया गया है। एक अप्रैल से 30 सितंबर तक ग्रीष्मकालीन समय लागू रहता है, जबकि एक अक्टूबर से 31 मार्च तक शीतकालीन समय चलता है। शीतकालीन समय में सुबह के ठंडे मौसम को ध्यान में रखते हुए छात्रों को अतिरिक्त आराम दिया गया है। वे पहले की तुलना में देर से स्कूल पहुंचेंगे, लेकिन छुट्टी भी अपेक्षाकृत देर से होगी।
छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
यह नया टाइमटेबल छात्रों की सेहत और मौसम की स्थिति दोनों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे बच्चों को निर्धारित समय पर स्कूल भेजें ताकि प्रार्थना सभा और कक्षाएं सुचारू रूप से चल सकें। स्कूल प्रशासन को भी शासनादेश के अनुसार इस समय-सारिणी का पालन सुनिश्चित करना होगा।
प्रार्थना सभा सुबह 8:50 बजे, पहला वादन 9:00 बजे, मध्यांतर 12:00 बजे और अंतिम वादन 3:10 बजे समाप्त होने का यह शेड्यूल शीतकालीन अवधि के दौरान लागू रहेगा।






