देहरादून : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक 18 वर्षीय युवती के लापता होने का मामला सोमवार को नया मोड़ लेता दिखाई दिया। युवती के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने विजय पार्क की भाजपा पार्षद अमिता सिंह के बेटे शुभम चौधरी के खिलाफ युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। वहीं, मामले के बीच युवती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें उसने खुद को सुरक्षित बताया और अपहरण के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया।
परिजनों की शिकायत और FIR दर्ज होने का विवरण
परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाया गया है। इस शिकायत के आधार पर विजय पार्क क्षेत्र की भाजपा पार्षद अमिता सिंह के पुत्र शुभम चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज की गई। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच चल रही है और सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है।
अमिता सिंह ने अपने बेटे पर लगे आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने कहा कि शुभम अपनी बहन और अन्य रिश्तेदारों के साथ वियतनाम यात्रा पर गया हुआ है। 24 जुलाई को उनकी बेटी का जन्मदिन था और अगले दिन परिवार के सदस्य विदेश रवाना हो गए थे। अमिता सिंह के अनुसार, उनके बेटे की फ्लाइट सोमवार रात तक दिल्ली पहुंचने वाली थी और युवती के लापता होने से उनका कोई संबंध नहीं है।
युवती का वीडियो आया सामने, कहा- अपनी इच्छा से घूमने गई हूं
मामले में सबसे महत्वपूर्ण विकास युवती का वीडियो सामने आने के रूप में हुआ। वीडियो में युवती ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपनी मर्जी से दोस्तों के ग्रुप के साथ घूमने आई है। उसने दावा किया कि घरवालों को इसकी जानकारी देकर निकली थी और यात्रा की सभी बुकिंग उसी ने खुद कराई हैं।
युवती ने अपहरण के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि किसी ने उसे जबरन नहीं ले जाया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके एक दोस्त को केवल राजनीतिक पृष्ठभूमि होने के कारण इस मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला और मामले को लेकर चर्चा छिड़ गई।
पुलिस की जांच प्रक्रिया और तकनीकी साक्ष्य
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रहे हैं। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। परिजनों द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबरों और अन्य जानकारियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि युवती की बरामदगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांच के अधीन है। सभी पक्षों के बयान, तकनीकी साक्ष्य और अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
वर्तमान स्थिति और आगे की कार्रवाई
इस समय पुलिस सभी उपलब्ध साक्ष्यों का मूल्यांकन कर रही है। युवती के वीडियो में दिए गए बयान और परिजनों की शिकायत के बीच अंतर को देखते हुए जांच एजेंसियां सतर्क हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि निष्पक्ष जांच की जाएगी और किसी भी पक्ष पर दबाव में कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।







