पिथौरागढ़ : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के नेपाल सीमा से सटे झूलाघाट में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक 28 वर्षीय विवाहित महिला और 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी ने आपसी समलैंगिक संबंध के कारण सामाजिक दबाव और परिवार की स्वीकृति न मिलने के चलते काली नदी में कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। समय रहते स्थानीय पुलिस की त्वरित कार्रवाई से दोनों की जान बच गई।
झूलाघाट कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार के अनुसार, बुधवार को 28 वर्षीय विवाहित महिला कोतवाली पहुंची और 17 वर्षीय किशोरी से मिलने की इच्छा जताई। पुलिस ने किशोरी को उसके परिजनों के साथ बुलाया। वहां दोनों ने खुलासा किया कि वे एक-दूसरे से प्रेम करती हैं और साथ रहना चाहती हैं।
पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई
पुलिस ने मामले को समझते हुए दोनों पक्षों को समझाया और सलाह दी कि आगे से वे एक-दूसरे से दूरी बनाए रखें। शुरू में मामला शांत प्रतीत हुआ, लेकिन रात होते ही दोनों श्मशान घाट के पास काली नदी किनारे पहुंच गईं। वहां वे एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसम लेते हुए नदी में कूदने जा रही थीं।
कोतवाली से एएसआई संतोष कठायत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों को कूदने से पहले सुरक्षित रूप से हिरासत में ले लिया। इस दौरान दोनों महिलाएं लगातार एक-दूसरे के साथ रहने की जिद कर रही थीं।
दोनों की पृष्ठभूमि
विवाहित महिला: पिथौरागढ़ जिले की रहने वाली है, यह महिला 6 वर्षीय बेटी की मां है। उसका पति दिल्ली में एक होटल में कार्यरत है।
नाबालिग किशोरी: कक्षा 12 की छात्रा, जो घर पर ही रहकर पढ़ाई करती है।
पुलिस के अनुसार, दोनों के बयानों से स्पष्ट रूप से समलैंगिक संबंध (Lesbian Relationship) का मामला सामने आया है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
पुलिस ने दोनों को रात भर महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी में कोतवाली में रखा। गुरुवार को विवाहित महिला को एसडीएम के समक्ष पेश किया गया, जबकि नाबालिग किशोरी को बाल सुधार गृह भेजा गया है पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।








