उत्तराखंड : यूपी एटीएस (उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता) ने पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े एक स्लीपर सेल का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में हरिद्वार के रुड़की क्षेत्र के ढंढेरा गांव निवासी मुशर्रफ समेत चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी आरोपी संवेदनशील स्थानों की रेकी करने और युवाओं को रेडिकलाइज करने की साजिश में शामिल थे।
गिरफ्तारी और आरोपियों की पृष्ठभूमि
मुशर्रफ, जो केवल पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है, हाल ही में मसूरी के कैंपटी गांव में एक ठेकेदार के साथ वेल्डिंग का काम कर रहा था। एटीएस की पूछताछ में उसने बताया कि उसका परिवार गरीब है। उसके पिता गांव में चिनाई मिस्त्री का काम करते हैं, जबकि एक भाई बाइक मिस्त्री का काम सीख रहा है। मुशर्रफ ने पहले कारपेंटर का काम सीखा और बाद में वेल्डिंग में हाथ आजमाया।
उसकी मुलाकात सहारनपुर के ढिक्का कलां गांव निवासी महकाब से लुधियाना में काम के दौरान हुई थी। महकाब वहां एक कार कंपनी में वेल्डिंग का ठेका ले रखा था। दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई। पूछताछ में मुशर्रफ ने अपने मोबाइल में सेव एक पाकिस्तानी नंबर के बारे में भी जानकारी दी, जिसे महकाब ने ही सेव किया था।55916a
अस्पताल बम धमकी वाली घटना
एटीएस सूत्रों के अनुसार, मुशर्रफ जालंधर रेलवे स्टेशन के पास एक अस्पताल में वेल्डिंग का काम करने गया था। वहां एक नर्स से अभद्रता के मामले में उसके साथ काम करने वाले एक युवक की पिटाई हो गई। मुशर्रफ का भी इस दौरान अपमान हुआ। नाराजगी में उसने महकाब को वॉयस मैसेज भेजकर कहा कि अस्पताल को बम से उड़ाना चाहिए।
महकाब ने अस्पताल की लोकेशन और फोटो मांगी। मुशर्रफ ने लगभग आधे घंटे बाद फोटो और लोकेशन भेज दी। महकाब ने जवाब दिया कि यह काम हो जाएगा। यह संवाद अब एटीएस की जांच का प्रमुख हिस्सा है।
पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क
एटीएस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने महकाब, शाहरुख (सहारनपुर), गगनदीप सिंह उर्फ गुरी सिंह (मुजफ्फरनगर) और मुशर्रफ को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी आबिद जट्ट से सोशल मीडिया, वीडियो कॉल और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए संपर्क में थे।
आरोपियों पर संवेदनशील जगहों (अस्पताल, स्कूल, राजनीतिक कार्यालय) की रेकी करने, युवाओं को रेडिकलाइज करने और पाकिस्तान से निर्देश लेकर आतंकी गतिविधियां करने का आरोप है। एटीएस की जांच में आगे कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।ca44b7
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता
यह कार्रवाई भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। पाकिस्तान स्थित तत्व युवाओं को आर्थिक लालच देकर स्लीपर सेल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यूपी एटीएस लगातार ऐसी मॉड्यूल्स पर नजर रखे हुए है।
मुशर्रफ की गिरफ्तारी से पता चलता है कि शिक्षा की कमी और आर्थिक मजबूरी वाले युवा आसानी से गलत तत्वों के जाल में फंस सकते हैं। एटीएस इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक जांच कर रही है।










