केदारताल हादसे में 6 की मौत, लखनऊ की दो सगी बहनों की भी गई जान, ट्रेकिंग का था जुनून
उत्तराखंड के उत्तरकाशी से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां केदारताल ट्रैक पर बर्फबारी और हिमस्खलन की चपेट में आने से लापता हुए 8 लोगों में से अब तक 6 की मौत हो चुकी है। बुधवार सुबह चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान 3 और शव बरामद किए गए। इनमें लखनऊ की दो सगी बहनें वर्तिका वर्मा और दीपिका वर्मा भी शामिल हैं।
दोनों बहनों को पहाड़ों पर ट्रेकिंग का बेहद शौक था। भारत और नेपाल के कई ट्रेक पूरे कर चुकीं वर्तिका और दीपिका करीब दो महीने पहले ही फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब की यात्रा से लौटी थीं। एक साल पहले भी दोनों अपने भाई अतुल वर्मा और दोस्तों के साथ उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र में केदारकांठा की ट्रेकिंग कर चुकी थीं।
लेकिन किसे पता था कि पहाड़ों से इतना प्यार करने वाली दोनों बहनें केदारताल की यात्रा पर जाएंगी और फिर कभी घर वापस नहीं लौटेंगी।
वर्तिका फ्रीलांस इन्फ्लुएंसर थीं, जबकि दीपिका एक निजी कंपनी में ग्राफिक्स डिजाइनर के तौर पर काम करती थीं। 27 अक्टूबर को दोनों 7 ट्रेकर्स और 5 सपोर्ट स्टाफ के साथ गंगोत्री से केदारताल के लिए रवाना हुई थीं। तीन दिन के इस ट्रेक से सभी को 29 अक्टूबर को वापस लौटना था।
लेकिन मौसम अचानक बिगड़ गया और भारी बर्फबारी के चलते रास्ते में हिमस्खलन हो गया। वापसी का रास्ता बंद होने से दल के 8 सदस्य बीच रास्ते में ही फंस गए।
30 अक्टूबर को ट्रेकिंग एजेंसी को दल के कुछ सदस्यों ने कच्ची ढांग के पास फंसे होने की सूचना देकर मदद मांगी। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। 31 अक्टूबर को सपोर्ट टीम के 4 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
इधर, दोनों बहनों की तलाश में उनके भाई अतुल वर्मा परिवार के साथ उत्तरकाशी पहुंचे। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि परिवार को इस हादसे की जानकारी ट्रेकिंग एजेंसी से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर खबर देखकर मिली।
पहाड़ों पर घूमने और नई मंजिलें तलाशने का सपना देखने वाली दो बहनों की इस हादसे में मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।










