केदारताल ट्रेक पर 8 लोग अब भी फंसे, हिमस्खलन बना रेस्क्यू में बाधा, NDRF-SDRF की टीमें राहत अभियान में जुटीं!
उत्तराखंड के उत्तरकाशी से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां केदारताल ट्रेक पर गए 13 सदस्यीय दल के फंसने के बाद रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया गया है। खराब मौसम, भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के चलते ट्रेक का रास्ता बाधित हो गया है। फिलहाल राहत की बात यह है कि चार लोग सुरक्षित मिल गए हैं, जबकि आठ अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, 27 अक्टूबर को गंगोत्री से सात ट्रेकर्स और छह सपोर्टिंग स्टाफ समेत कुल 13 लोग केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुए थे। इन सभी की वापसी 29 अक्टूबर को निर्धारित थी, लेकिन खराब मौसम, ग्लेशियर और बर्फबारी के कारण रास्ता बंद हो गया और वे समय पर वापस नहीं लौट सके।
30 अक्टूबर को ट्रेकिंग एजेंसी के माध्यम से फोन पर संपर्क होने पर ट्रेकर्स ने कच्ची ढांग के पास खुद को सुरक्षित बताया और मदद मांगी। इसके बाद ट्रेकिंग एजेंसी ने पोर्टर और गाइड की टीम भेजी, जिसने करीब छह किलोमीटर तक रास्ता खोलने का प्रयास किया।
वहीं, 31 अक्टूबर को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर रेस्क्यू अभियान और तेज कर दिया गया। सुबह छह बजे 10 सदस्यीय NDRF टीम उत्तरकाशी से गंगोत्री के लिए रवाना हुई। इसके अलावा वन विभाग के दो सदस्य, ट्रेकिंग एजेंसी के सात सदस्य और SDRF के छह जवानों की टीम भी रेस्क्यू के लिए भेजी गई।
गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान के रेंजर ऑफिसर से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, कच्ची ढांग के आसपास तीन पोर्टर और एक कुक समेत चार लोग सुरक्षित मिल गए हैं। हालांकि, शेष आठ लोग भोजखड़क से आगे हिमस्खलन के कारण फंसे हुए हैं।
हिमस्खलन से रास्ता बाधित होने के कारण रेस्क्यू अभियान में देरी हो रही है। फिलहाल NDRF, SDRF, वन विभाग और ट्रेकिंग एजेंसी की टीमें फंसे हुए लोगों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। अब सभी की नजरें रेस्क्यू अभियान पर टिकी हैं।











